केसला (नर्मदापुरम) । केसला विकासखंड जिला नर्मदापुरम के राज्य आजीविका मिशन के विकासखंड प्रबंधक सहित तीन को पशु सखी से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत पशु सखी को मिलने वाले 29 हजार 700 रुपए के मानदेय के भुगतान के बदले ली जा रही थी।
इस बारे में आवेदिका श्रीमति सुनैया बरकडे, तहसील केसला जिला नर्मदापुरम ने लिखित शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार आवेदिका पशु सखी का काम करती है, जोकि गांवों में पशुओं के इलाज और रखरखाव से संबंधित होकर कोआर्डीनेशन का होता है। इसके बदले समूह के माध्यम से 29 हजार 700 रुपए का मानदेय मिला था, लेकिन विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता ने उससे सिर्फ 4 हजार रुपए ही भुगतान लेने और बाकी 20 हजार रुपए उसको देने का दबाव बनाया। रिश्वत नहीं देने पर काम से निकाल देने और दूसरे को काम देने की धमकी दी थी।
पशु सखी की शिकायत का पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर ने सत्यापन करवाया, तो उसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद रिश्वतखोर को दबोचने के लिए ट्रैप टीम तैयार की गई। ट्रैप टीम में उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, मुकेश पटेल आरक्षक मुकेश पटेल, मुकेश परमार, चैतन्य प्रताप, यशवंत पटेल को शामिल किया गया।
लोकायुक्त टीम ने केसला पहुंचने के बाद राज्य आजीविका मिशन कार्यालय की घेराबंदी कर ली। वहीं रिश्वत लेने के लिए प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता ने अपने चपरासी कृष्णा धुर्वे के साथ ही सुरभि क्लस्टर फेडरेशन संघ पथरोटा, इटारसी की मैनेजर श्रीमती कामिनी राजपूत को आगे कर दिया। इसके बाद जैसे ही पशु सखी से 20 हजार रुपए की रिश्वत ली गई, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने आरोपियों को पकड़ लिया। इसके बाद तीनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 12 के अंतर्गत कार्यवाही की गई।