कांग्रेस ने पुरी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार पर लगाया दांव, राजकुमार लोहानी ने भरा नामांकन

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के सामने निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस ने लोहानी को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान पार्टी के अन्य विधायक और नेता भी मौजूद रहे। राजकुमार लोहानी ने विधानसभा भवन में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपना नामांकन पत्र जमा किया। इस दौरान विधायक हेमंत कटारे, आतिफ अकील, अभिजीत शाह, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल और कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी उपस्थित रहे। कांग्रेस ने भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ सीधे अपना प्रत्याशी उतारने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने का रास्ता चुना है।
कौन हैं राजकुमार लोहानी?
राजकुमार लोहानी भोपाल के पुराने शहर के घोड़ा नक्कास इलाके में रहते हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी बताई गई है। वे मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाते हैं। अब राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सामने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उनकी दावेदारी सामने आई है।
भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया है उम्मीदवार
भाजपा ने मध्यप्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पुरी 31 अक्टूबर को भोपाल में विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल कर चुके हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
विधानसभा में भाजपा का संख्याबल मजबूत
राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवारों के चयन का फैसला विधानसभा के निर्वाचित विधायक करते हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत है और उसका संख्याबल कांग्रेस से काफी अधिक है। ऐसे में चुनाव में भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। कांग्रेस के पास अपने दम पर जीत के लिए जरूरी विधायक संख्या नहीं है। इसी राजनीतिक स्थिति के बीच पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को समर्थन दिया है।
एपस्टीन फाइल विवाद को लेकर पुरी पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी का विरोध कर रही है। पार्टी ने पुरी का नाम जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में सामने आने के मुद्दे को उठाते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर पुरी की उम्मीदवारी पर राजनीतिक विरोध दर्ज करा रही है।




















