आसाराम को फिर राहत :हाईकोर्ट ने इलाज के लिए दिया एक महीने का वक्त, सरकार से मांगी हेल्थ रिपोर्ट

नेशनल डेस्क। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की ओर से दायर उपचार अवधि बढ़ाने की याचिका स्वीकार कर ली है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इलाज जारी रखने की अनुमति दी। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार को आसाराम की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
दो जून को करना पड़ा था आत्मसमर्पण
आसाराम को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा मिली है। इस फैसले के खिलाफ उसने अपील के साथ स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत मांगी थी। हालांकि, दो जून को राजस्थान हाईकोर्ट ने लगातार करीब दो वर्षों से बढ़ाई जा रही अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे आत्मसमर्पण कर जेल जाना पड़ा। बाद में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उसने अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी, जिसके बाद से उसका उपचार आरोग्यं अस्पताल में जारी है।
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सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली अंतरिम जमानत
इससे पहले 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने भी आसाराम को राहत देने से इनकार कर दिया था। उसने राजस्थान हाईकोर्ट के दोषसिद्धि संबंधी फैसले को चुनौती देते हुए मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि फिलहाल मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत का कोई आधार नहीं बनता। हालांकि, यदि स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती है तो उसकी याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जा सकता है।
सरकार ने कहा- जान को तत्काल खतरा नहीं
सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2 जून को आसाराम को अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई थी। जांच में उनकी जान को तत्काल कोई खतरा नहीं पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि उनका इलाज जारी रहेगा और मामले की विस्तृत सुनवाई अब न्यायालय की छुट्टियों के बाद की जाएगी।












