'रामराज की बात करते थे, रामधन तक नहीं छोड़ा...', अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना; रोजगार पर भी घेरा

लखनऊ। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों से चोरी के मामलों में छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाकर सरकार अपनी बदनामी से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने E-20 पेट्रोल और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए और इसे जनता के साथ धोखा बताया। सपा प्रमुख ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए जाति जनगणना जरूरी है और आबादी के अनुपात में लोगों को अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यूपी की कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए पुलिस और तहसील व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। रोजगार के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि सरकारी नौकरियां कम की जा रही हैं और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
'राम धन तक को नहीं छोड़ा'
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग रामराज लाने की बात करते थे, उन्होंने राम धन तक को नहीं छोड़ा। उन्होंने धार्मिक स्थलों से चोरी के मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर के बाहर आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी चोरी नहीं करता, बल्कि मदद मिलने का इंतजार करता है। ऐसे मामलों में सामने आए तथ्यों को देखते हुए सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
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E-20 पेट्रोल और मिलावट पर उठाए सवाल
ईंधन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने E-20 पेट्रोल को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल में बड़े स्तर पर मिलावट की जा रही है, जिससे वाहनों की क्षमता और माइलेज पर असर पड़ सकता है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मिलावट से गाड़ी बेहतर चलती है तो कंपनियों को इसका विज्ञापन करना चाहिए। उन्होंने इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखा बताते हुए सरकार से ईंधन की गुणवत्ता को लेकर स्पष्टता देने की मांग की।
PDA और जाति जनगणना को बताया जरूरी
अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान बुंदेलखंड में लोधी समाज और अन्य सहयोगी वर्गों ने समाजवादी पार्टी पर भरोसा जताया। उनके मुताबिक, जब तक सभी वर्ग सामाजिक न्याय की लड़ाई में एक साथ नहीं आएंगे, तब तक बराबरी की व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। अखिलेश ने कहा कि जाति जनगणना से यह पता चलेगा कि समाज में किस वर्ग की कितनी आबादी है और उसी के आधार पर अधिकार और सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
यूपी की पुलिस व्यवस्था पर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान यूपी 100 जैसी सेवा शुरू की गई थी, ताकि जरूरत के समय पुलिस लोगों तक जल्दी पहुंच सके। अखिलेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में आम लोगों को थाने और तहसील स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगह काम कराने के लिए पैसे की मांग की जाती है।
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रोजगार और तिरंगा यात्रा को लेकर बीजेपी पर तंज
अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरियों और स्कूलों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी रोजगार के अवसर कम किए जा रहे हैं और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूल बंद होने से हजारों सरकारी रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। वहीं, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और तिरंगा यात्रा को लेकर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को भाईचारा बढ़ाने और सामाजिक एकता मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लोगों से समाजवादी पार्टी को समर्थन देने और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए आगे आने की अपील की।













