रायपुर शीतला मंदिर विवाद में यादव समाज का थाना घेराव, पीठाधीश नीरज सैनी पर FIR

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर के सूचना बोर्ड को लेकर विवाद गहरा गया है। बोर्ड पर लिखे कथित आपत्तिजनक शब्दों के विरोध में यादव समाज ने बुधवार को पुरानी बस्ती थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। समाज की शिकायत और विरोध के बीच पुलिस ने मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(2) के तहत FIR दर्ज की है।
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सूचना बोर्ड के शब्दों पर क्यों भड़का विवाद?
रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान लगाए गए एक सूचना बोर्ड को लेकर विवाद शुरू हुआ। बोर्ड पर लिखा था, “ठग रौताइनों से सावधान, जल चढ़ाने हेतु किसी भी रौताइन को रुपये न दें।” यादव समाज ने इन शब्दों को समाज की महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। समाज का कहना है कि इस तरह की भाषा से महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है और पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित शब्दों को हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुरानी बस्ती थाने में यादव समाज का प्रदर्शन
मामले को लेकर यादव समाज के प्रतिनिधियों ने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी। 17 अक्टूबर को समाज के लोग पुरानी बस्ती थाने पहुंचे थे और कथित आपत्तिजनक भाषा के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव के नेतृत्व में समाज के लोगों ने फिर थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई। समाज के प्रतिनिधियों ने मामले में FIR दर्ज करने और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
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पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ FIR दर्ज
विवाद बढ़ने के बीच पुलिस ने शीतला माता मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(2) के तहत FIR दर्ज की है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने और सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने से संबंधित अपराधों से जुड़ी है। FIR दर्ज होने के बाद मामले में पुलिस की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की पुष्टि और संबंधित पक्षों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है।
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी उठाया मुद्दा
इस विवाद पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पोस्ट में कहा कि नवरात्र में मां भगवती की पूजा के बीच यादव-राउत समाज की माताओं और बहनों के लिए कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें ठग बताया जाना पूरे समाज की अस्मिता से जुड़ा मामला है। विधायक ने मंदिर के व्यवस्थापक या पुजारी द्वारा लगाए गए पोस्टर पर आपत्ति जताते हुए शासन-प्रशासन से जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
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अब आगे क्या?
शीतला मंदिर के सूचना बोर्ड से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। यादव समाज ने इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला बताया है। वहीं, अब जांच में सूचना बोर्ड की परिस्थितियों, उसकी जिम्मेदारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल अहम होगी फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि विवादित सूचना बोर्ड पर लिखे शब्दों को लेकर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है।




















