बैतूल जिले में अचानक आए मौसम बदलाव ने आम जनजीवन के साथ किसानों को भी गहरा झटका दिया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि लोग अभी भी खराब मौसम के असर से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में कई इलाकों में ओले गिरने लगे, जो आकार में बेर जितने बड़े थे। खासकर परमंडल और आसपास के क्षेत्रों में इतनी ज्यादा ओलावृष्टि हुई कि सड़कों और खेतों पर सफेद परत जम गई। यह नजारा लोगों के लिए किसी पहाड़ी इलाके जैसा प्रतीत हो रहा था।
तेज हवाओं और तूफान ने कई जगहों पर घरों के छप्पर उड़ा दिए, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक घंटे तक हुई बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। मुलताई, आठनेर, भैंसदेही क्षेत्रों में हालात ज्यादा गंभीर रहे, जहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
इस ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने पहले ही आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन इतनी तेज ओलावृष्टि की उम्मीद कम थी। अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है।