
भोपाल। अशोका गार्डन पुलिस ने मनी एक्सचेंज करने वाले कैलाश खत्री के पास से 40 लाख रुपए और जब्त किए हैं। कारोबारी ने यह रकम छापे के बाद बंद किए कमरे से निकालकर अपनी बहन के यहां छिपा दी थी। सोमवार को इस रकम की बरामदगी के बाद कुल रकम 71 लाख 69 हजार 473 रुपए हो गई है। पुलिस पहले ही आयकर विभाग को इस मामले की इसकी सूचना दे चुकी है।
छापे के बाद बैरागढ़ ले गए बैग
पुलिस ने 9 मई की रात पंत नगर निवासी कैलाश खत्री के घर पर दबिश दी थी। यहां से करीब 32 लाख रुपए के कटे-फटे, पुराने और नए नोट बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कैलाश खत्री मनी एक्सचेंज का काम करता था। छापे की रात में पुलिस ने जिस कमरे से पैसे मिले थे उसे ताला लगाकर बंद कर दिया था। इसके बाद कैलाश का भाई अनिल बैग ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था।
पुलिस टीम ने रविवार-सोमवार की रात कारोबारी की बहन के घर दबिश दी। यहां से पुलिस ने नोटों से भरे 6 बैग बरामद किए। इनसे 40 लाख 11 हजार 400 रुपए मिले हैं। पूछताछ में कैलाश ने बताया था कि वह 2006 से कटे-फटे नोट एक्सचेंज करने का काम करता है। वह फटे नोट एक्सचेंज कराने पर एक लाख रुपए के बदले 75 हजार रुपए लौटाता है। कैलाश ने पुलिस को बताया है कि आरबीआई के निर्देश के बाद कुछ समय से बैंकों ने नोट लेना बंद कर दिए तो वह इन्हें मुंबई और आगरा ले जाकर एक्सचेंज करने लगा।
#भोपाल– #अशोका_गार्डन में #मनी_एक्सचेंज का मामला, पुलिस छापे के बाद गायब हुए बैग बरामद, बैरागढ़ क्षेत्र में देर रात दबिश देकर पुलिस ने बरामद किये बैग, #कमलेश_खत्री के रिश्तेदार और परिचितों के घर से हुए बरामद, दो दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को… pic.twitter.com/y5MFHGV00t
— Peoples Samachar (@psamachar1) May 13, 2024
पुलिस पर लगे थे गंभीर आरोप
गुरूवार को कार्रवाई के बाद अशोका गार्डन की तत्कालीन थाना प्रभारी वंदना लकड़ा को अधिकारियों को सूचना दिए बगैर कार्रवाई करने के आरोप में निलंबित कर दिया था, जबकि शनिवार को चार अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया था। इस दौरान पुलिस वालों पर ही नोटों से भरे बैग अज्ञात स्थान पर ले जाने के आरोप भी लगे थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अशोका गार्डन थाना पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगने के बाद मामले की जांच शाहपुरा थाना प्रभारी को सौंपी गई थी।
भाई ही ले गया था नोटों से भरे बैग
पुलिस का कहना है कि कैलाश का भाई अनिल ही कार्रवाई के तत्काल बाद नोटों से भरे बैग लेकर भागा था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई। 50 से अधिक कैमरों के फुटेज चेक करने पर पुलिस ने पाया कि अनिल पहले ये सभी बैग पंजाबी बाग के एक घर में लेकर गया। इसके बाद वह वही बैग बैरागढ़ में रहने वाली अपनी बहन के घर छिपा आया था। इनको पुलिस ने अब बरामद किया है। डीसीपी प्रियंका शुक्ला के मुताबिक इस मामले में आगे की जांच जारी है।
ये भी पढ़ें- भोपाल में कारोबारी के घर मिली नोटों की गड्डियां, करीब 32 लाख की नकदी बरामद; IT डिपार्टमेंट करेगा मामले की जांच
One Comment