भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, कहा- राहुल गांधी देश को गुमराह करना बंद करें, संविधान विरोध करने का हक देता है, न कि कानून तोड़ने का

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। युवाओं को इसके लिए जेल भेजना उन्होंने कायरता बताया। राहुल ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और विपक्ष इसे वापस लेगा।
भाजपा का पलटवार, आशीष अग्रवाल बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेता से देश को गुमराह नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि संविधान विरोध करने का अधिकार देता है, कानून तोड़ने का नहीं। भाजपा नेता के मुताबिक, सार्वजनिक स्थलों को राजनीतिक संघर्ष का मैदान नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए नियमों की अनदेखी उचित नहीं है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को कानून का पालन करना चाहिए।
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लोकतंत्र संविधान से चलता है, सड़कों से नहीं
भाजपा ने दावा किया कि कानूनी नियमों के तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाया गया है। अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र संविधान के अनुसार चलता है, सड़कों पर मनमानी से नहीं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनुच्छेद 370 का भी उल्लेख किया। भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा नेता ने कहा, दशकों तक आपकी पार्टी और परिवार ने अनुच्छेद 370 का बचाव किया, जो जम्मू-कश्मीर के पूर्ण संवैधानिक एकीकरण में बाधा बना हुआ था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने ही जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण किया और आज कश्मीर में तिरंगा गर्व से लहरा रहा है।'' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संविधान से चलता है, सड़कों से नहीं।
बैरिकेड पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तड़के आरोपियों को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे बैरिकेड पार करके जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस के मुताबिक, शांति बनाए रखने के मुचलके का उल्लंघन करने और प्रदर्शन के लिए अधिसूचित नहीं किए गए क्षेत्र में जबरन प्रवेश करने के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
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