लाल किले के समारोह में शामिल नहीं हुए राहुल गांधी, बीजेपी बोली- यह देश का अपमान

नई दिल्ली। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकार के साथ विपक्ष के कई नेता भी शामिल हुए। राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाते हुए इसे विपक्ष की गलत परंपरा बताया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व को राजनीति से ऊपर रखकर सभी दलों को समारोह में शामिल होना चाहिए।
लाल किले के समारोह में कई बड़े नेता मौजूद
लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा भी समारोह में पहुंचे। हालांकि, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई।
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प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं, तब वह पूरे देश के प्रधानमंत्री के तौर पर बोलते हैं। जोशी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से विपक्ष इन राष्ट्रीय आयोजनों का बहिष्कार कर रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता ने भी उठाए सवाल
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी नेता से राष्ट्रीय पर्व के ऐसे कार्यक्रम से दूरी की उम्मीद नहीं की जाती। भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का समारोह में नहीं पहुंचना वंदे मातरम के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है। उन्होंने राहुल गांधी के विपक्ष के नेता पद पर होने को लेकर भी सवाल उठाए और उन पर समाज को बांटने वाली विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।













