Rahul-Priyanka Met Gadkari :संसद में नितिन गडकरी से अचानक मिले राहुल-प्रियंका...मंत्री से इस मुद्दे पर की बातचीत

नई दिल्ली। देश में यात्री बसों में बढ़ती आग की घटनाओं ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए या छोटे कारोबारियों की आजीविका को बचाया जाए। सरकार ने हादसों को रोकने के लिए नियम सख्त किए हैं, लेकिन इसका असर बस बॉडी बनाने वाले छोटे उद्योगों पर पड़ता दिख रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि संसद पहुंचे और अपनी चिंताएं शीर्ष नेताओं के सामने रखीं।
संसद तक पहुंचाई एसोसिएशन ने आवाज
राजस्थान बस बॉडी एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को संसद में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इससे पहले वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिले, जो उन्हें खुद गडकरी के पास लेकर गए। इस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि नए नियमों से बड़ी कंपनियों को लाभ मिल रहा है, जबकि छोटे कारीगरों और उद्योगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
कड़े नियमों पर सरकार का रुख साफ
दरअसल, पिछले कुछ समय से यात्री बसों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। आग की घटनाएं रोकने के लिए सरकार ने नियमों को सख्त किया है। सरकार बस बॉडी में गुणवत्ता बरकरार रखना चाहती है। केंद्रीय मंत्री ने सदस्यों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं। उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा के लिए कड़े नियम आवश्यक हैं। हालांकि वे कोई रास्ता निकालेंगे। गडकरी ने कहा कि बस बॉडी बनाने वालों को सात साल से नियमों का अनुसरण करने के लिए कह रहे हैं लेकिन जब कोई सुधार नहीं आया तब सख्ती करनी पड़ी।
बातचीत से निकल सकता है बीच का रास्ता
कुछ मिनट चली इस बैठक के दौरान बॉडी मैन्युफैक्चरर्स उद्योग से जुड़े मुद्दों, नियमों में संभावित बदलाव और कारोबार पर पड़ रहे प्रभाव पर चर्चा हुई। हालांकि फिलहाल कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन यह संकेत जरूर मिला है कि सरकार और उद्योग के बीच संवाद जारी रहेगा, ताकि सुरक्षा और रोजगार, दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।












