3 सांसदों सहित राष्ट्रपति मुर्मू से मिल राघव चड्ढा :पंजाब सरकार पर लगाए बदले का आरोप, बोले- चंद महीने की है...

पंजाब /नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच मंगलवार को राघव राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिले हैं। इस मुलाकात में राघव के साथ भाजपा में संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता भी शामिल रहे।
राष्ट्रपति से दोनों खेमों की मुलाकात
एक ओर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने विधायकों के साथ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिले, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर मौजूदा हालात पर अपना पक्ष रखा। इस मीटिंग के बाद पंजाब में गहमागहमी का माहौल है।
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बदले की भावना से काम कर रही सरकार- राघव
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP छोड़ने के बाद उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उन्होंने राष्ट्रपति के सामने भी रखा है।
नेताओं को टारगेट करने के आरोप
चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा कि सबसे पहले हरभजन सिंह को निशाना बनाया गया। इसके बाद राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री की बिजली-पानी सप्लाई काट दी गई। वहीं, संदीप पाठक के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई। उन्होंने इन कदमों को प्रशासनिक दुरुपयोग बताया।
जब तक साथ थे, तब तक ठीक थे
चड्ढा ने AAP पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक वे पार्टी में थे, तब तक उन्हें ईमानदार और संस्कारी बताया जाता था, लेकिन पार्टी छोड़ते ही उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति बंद होनी चाहिए।
राघव ने यह भी कहा कि AAP को अपनी सीमाओं को समझना चाहिए, क्योंकि उसकी सरकार सीमित राज्यों में ही है, जबकि BJP का दायरा देशभर में फैला है। उन्होंने पंजाब के अधिकारियों से अपील की कि वे दबाव में आकर कोई गलत कदम न उठाएं। इसके साथ ही राघव ने दावा किया कि पंजाब की मौजूदा सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले महीनों में राजनीतिक हालात बदल सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति को और ज्यादा गरमा दिया है।











