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अगर महिला बनीं UN प्रमुख तो खुशी होगी....महासचिव की दौड़ में महिला उम्मीदवारों को मिला चीन का समर्थन 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़ शुरू होते ही चीन ने महिला उम्मीदवार के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सरकार का कहना है कि 80 साल में पहली बार अगर कोई महिला इस पद पर आती है तो यह ऐतिहासिक होगा। चार प्रमुख दावेदारों में दो महिलाएं शामिल हैं। 
महासचिव की दौड़ में महिला उम्मीदवारों को मिला चीन का समर्थन 

दुनिया की सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय संस्था संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही पूरे देश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इस बार चर्चा सिर्फ उम्मीदवारों की नहीं, बल्कि इस बात की भी है कि क्या 80 साल के इतिहास में पहली बार कोई महिला इस शीर्ष पद तक पहुंचेगी। इसी बीच चीन महिला उम्मीदवार के समर्थन में अपनी बात रख दी है।  

महिला महासचिव बनीं तो होगा स्वागत बोला चीन

चीन की ओर से यह संकेत दिया गया है कि वह बदलाव के इस मौके को सकारात्मक नजर से देख रहा है। शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सरकार के रुख को सामने रखते हुए संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू कोंग ने कहा कि हम किसी महिला को महासचिव के रूप में देखकर बहुत खुश होंगे। 80 साल हो गए हैं, अगर इस बार कोई महिला इस पद पर आती है तो हम उसका स्वागत करेंगे।

कौन-कौन हैं महासचिव पद की दौड़ में

इस बार महासचिव की रेस में चार नाम सामने आए हैं, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। महिला उम्मीदवारों में पहली महिला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेशेलेट और दूसरी महिला संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की महासचिव रेबेका ग्रिन्सपान हैं। वहीं पुरुष उम्मीदवारों में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी और सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी सॉल शामिल हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और नागरिक संगठनों के सामने अपना-अपना दृष्टिकोण रखा और यह भी बताया कि वे इस शीर्ष पद के लिए सबसे उपयुक्त क्यों हैं। 

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क्या चीन का कोई पसंदीदा उम्मीदवार है?

जब फू कोंग से यह पूछा गया कि क्या चीन किसी खास उम्मीदवार का समर्थन कर रहा है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि अगर होता भी तो मैं आपको नहीं बताता। हालांकि उन्होंने यह जरूर साफ किया कि चीन ऐसे महासचिव को देखना चाहता है जो बहुपक्षवाद को मजबूत करे और किसी एक ताकत के प्रभाव में काम न करे।

मुश्किल दौर में मजबूत नेतृत्व की जरूरत

चीन का मानना है कि इस समय संयुक्त राष्ट्र कई चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में नए महासचिव को सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि कूटनीतिक रूप से भी मजबूत होना होगा। फू कोंग के मुताबिक, अगला महासचिव संगठन के तीन मुख्य स्तंभों-शांति और सुरक्षा, विकास और मानवाधिकार के बीच संतुलन बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए।

मौजूदा महासचिव का कार्यकाल खत्म होने की ओर

इस समय एंतोनियो गुतारेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव हैं। उनका दूसरा कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। उन्होंने 2017 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और तब से अब तक कई अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान संगठन का नेतृत्व किया है।

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चयन प्रक्रिया कैसे होती है

महासचिव का चयन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किया जाता है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा परिषद की सिफारिश जरूरी होती है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य-चीन, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के पास वीटो का अधिकार होता है, जो इस प्रक्रिया को बेहद अहम बना देता है।

आगे क्या है टाइमलाइन

चीन इस समय मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है। राजदूत फू कोंग ने कहा कि इस दौरान महासचिव चयन प्रक्रिया को गति देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि मई में इस पर चर्चा शुरू हो सकती है और जून-जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी तरह शुरू हो जाएगी। फू ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में और उम्मीदवार भी संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। 

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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