आस्था से खिलवाड़ या गुस्सा?कसमों से तंग आकर उठाया बड़ा कदम, मंदिर से गायब हनुमान प्रतिमा कुएं में फेंकी, युवक गिरफ्तार

मध्यप्रदेश। शिवपुरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। यहां एक युवक पर आरोप है कि उसने मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को कुएं में फेंक दिया। पुलिस की जांच में जो कारण सामने आया, वह और भी चौंकाने वाला था।
कूड़ाराई गांव में हुई घटना
यह पूरा मामला शिवपुरी के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कूड़ाराई गांव का है। बताया जा रहा है कि शनिवार और रविवार की रात के बीच किसी ने मंदिर में रखी हनुमान जी की प्रतिमा को गायब कर दिया और बाद में उसे कुएं में फेंक दिया। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो प्रतिमा वहां नहीं मिली, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जब कुएं की जांच की तो प्रतिमा वहां मिली।
दो सौ साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ी आस्था
ग्रामीणों के अनुसार यह प्रतिमा बहुत पुरानी थी और गांव के मंदिर में वर्षों से स्थापित थी। यहां नियमित रूप से पूजा होती थी और लोग इसे अपनी आस्था का केंद्र मानते थे। घटना के बाद गांव में गुस्सा फैल गया और लोगों ने इसे आस्था पर हमला बताया। हिंदू संगठनों ने भी इस घटना पर विरोध जताया।
पुलिस जांच में सामने आया आरोपी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और मुखबिरों की मदद से गांव के ही 27 वर्षीय हरवंश यादव को संदिग्ध पाया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने जो कारण बताया, वह पुलिस को भी हैरान कर गया।
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कसमों से था परेशान
पूछताछ में हरवंश यादव ने बताया कि गांव में जब भी कोई विवाद होता था, तो लोग उसे हनुमान मंदिर ले जाकर कसम खाने के लिए मजबूर करते थे। उसका कहना था कि बार बार इस तरह की स्थिति से वह परेशान हो गया था। इसी वजह से उसने सोचा कि अगर प्रतिमा ही नहीं रहेगी तो उसे कसम खाने की मजबूरी नहीं होगी। इस मामले में एक और बात सामने आई है कि आरोपी के परिवार ने पहले मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग भी दिया था। इसके बावजूद उसके इस कदम ने सभी को चौंका दिया है। गांव के लोग अभी भी इस घटना को लेकर हैरान हैं।
मंदिर से कुएं तक कैसे पहुंची प्रतिमा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक विवाद के बाद उसे फिर से मंदिर ले जाया गया और कसम खाने के लिए दबाव बनाया गया। इसी बात से नाराज होकर उसने प्रतिमा को उठाकर कुएं में फेंक दिया। उसका कहना था कि उसने गुस्से में यह कदम उठाया, ताकि भविष्य में उसे ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
गांव में आक्रोश
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया। गांव में प्रस्तावित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे की तैयारियां चल रही थीं लेकिन इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच की गई और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है।











