
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां भारतीय वायुसेना ने बड़े स्तर पर युद्धाभ्यास किया, जिसमें आधुनिक फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट्स ने हिस्सा लिया। इस एयरशो में सुखोई-30MKI, जगुआर, मिराज-2000 और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हुए। इसके साथ ही C-295 जैसे टैक्टिकल एयरक्राफ्ट ने भी यहां सफल लैंडिंग की। इन विमानों की लैंडिंग और उड़ान के वीडियो सामने आने के बाद लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
इस अभ्यास का मकसद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को आपात स्थिति में रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने की क्षमता को परखना है। युद्ध जैसे हालात में अगर दुश्मन एयरबेस को निशाना बनाता है, तो ऐसे हाईवे एयरस्ट्रिप वायुसेना के लिए बैकअप रनवे का काम करती हैं।
अभ्यास को देखते हुए प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे के करीब 12 किलोमीटर हिस्से को सील कर दिया है। आम लोगों की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है।
इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लगभग सभी प्रमुख लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इससे न सिर्फ वायुसेना की तैयारियों को मजबूती मिलती है, बल्कि ऐसे अभ्यास देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाते हैं।
इस तरह के बड़े एयरशो से सुल्तानपुर और आसपास के इलाकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह गर्व का विषय भी बन गया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की इस एयरस्ट्रिप का उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने 16 नवंबर 2021 को किया था। उस समय पीएम मोदी खुद C-130J हरक्यूलिस विमान से यहां उतरे थे और फाइटर जेट्स ने आसमान में शानदार करतब दिखाए थे। इसके बाद जून 2023 में भी यहां करीब चार घंटे तक वायुसेना ने अभ्यास किया था।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बनी यह एयरस्ट्रिप देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। यह न सिर्फ आपातकालीन स्थिति में काम आती है, बल्कि वायुसेना की ताकत और तैयारी का भी प्रदर्शन करती है।