सीएम मान ने किया बड़ा ऐलान:पंजाब में हर महीने महिलाओं को मिलेंगे 1 हजार रुपए, जानिए किसे मिलेगा मावां धीयां सत्कार योजना का लाभ

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता राशि मिलेगी। योजना का लाभ लगभग 52 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों के कार्ड पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। सरकार ने इसके लिए बजट में पर्याप्त वित्तीय प्रावधान भी किया है।
1 जुलाई से मिलेगी आर्थिक सहायता
राज्य सरकार के अनुसार योजना का लाभ 1 जुलाई से पात्र महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा। सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने आवेदन कर दिया है, उन्हें कार्ड मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पात्रता पूरी होने पर राशि सीधे खाते में जमा की जाएगी।
ये भी पढ़ें: Bashir Badr Award : पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की याद में मध्यप्रदेश सरकार देगी साहित्यिक पुरस्कार
लाखों महिलाओं के कार्ड पहले ही तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। लगभग 37 लाख महिलाओं को योजना से संबंधित कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं बाकी पात्र महिलाओं के कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को योजना के दायरे में लाया जाए। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
पात्रता और आवश्यक शर्तें ?
योजना का लाभ केवल पंजाब की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलेगा। आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होना अनिवार्य है। साथ ही बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए, ताकि सहायता राशि सीधे खाते में भेजी जा सके। सरकार ने पात्रता मानदंडों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है। इससे लाभ वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
ये भी पढ़ें: MP Weather Update : एमपी में मौसम का यू-टर्न! नौतपा के आखिरी दिन कई जिलों में बारिश का अलर्ट
इन वर्गों को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने योजना के लिए कुछ अपात्र श्रेणियां भी तय की हैं। सरकारी कर्मचारी, रिटायर्ड सरकारी महिला कर्मचारी, वर्तमान और पूर्व सांसद या विधायक इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। इसके अलावा आयकर देने वाली महिलाओं को भी योजना से बाहर रखा गया है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाना है। इसी आधार पर पात्रता की सीमाएं तय की गई हैं।












