कोरोना को हल्के में न लें!महाराष्ट्र में मिले 48 मरीज, आंध्र प्रदेश में 4 मौत, 18 दिन में 21 नए एक्टिव केस डिटेक्ट

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। आंध्र प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में भी कोरोना संक्रमण के नए मरीज सामने आए हैं। करीब तीन-चार साल तक स्थिति सामान्य रहने के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर कोरोना की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को सावधानी बरतने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
महाराष्ट्र में जुलाई में तेजी से बढ़े कोरोना के मामले
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में कोरोना के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। सिर्फ जुलाई के पहले 18 दिनों में ही 21 नए मरीज मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले पुणे में सामने आए हैं, जहां पिछले 10 दिनों में संक्रमण बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 3 मामले मिले। फरवरी में 1 मामला सामने आया। जून में 11 मरीज मिले। जुलाई के 18 दिनों में 21 नए संक्रमित मिले। पिछले तीन वर्षों से राज्य में कोरोना पर लगातार नजर रखी जा रही थी और संक्रमण लगभग नियंत्रण में था। लेकिन 2026 में धीरे-धीरे मामले बढ़ने लगे हैं।
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घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें
डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल संक्रमित मरीजों में हल्के लक्षण ही दिखाई दे रहे हैं। अधिकांश लोगों को सामान्य वायरल संक्रमण जैसी परेशानी हो रही है। फिर भी बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें और जरूरत पड़ने पर कोरोना जांच भी कराएं।
आंध्र प्रदेश में 4 मरीजों की मौत से बढ़ी चिंता
आंध्र प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। राज्य में 26 जून से 18 जुलाई के बीच 12 नए कोरोना मरीज मिले हैं। इनमें से 4 मरीजों की मौत हो चुकी है। 3 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 1 मरीज अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती है और 3 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं। मृतकों में तीन मरीज कडप्पा जिले और एक मरीज काकीनाडा जिले का रहने वाला था।
दूसरी बीमारियों की जांच में मिल रहे हैं कोरोना संक्रमित
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अधिकांश कोरोना मरीज किसी दूसरी बीमारी के इलाज के दौरान सामने आ रहे हैं। यानी मरीज जब किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल पहुंच रहे हैं और डॉक्टर उनकी जांच करा रहे हैं, तभी उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि बड़े पैमाने पर कोरोना फैल रहा है, लेकिन संक्रमण अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर ज्यादा असर
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब पहले जैसा खतरनाक नहीं रहा। यह अब काफी हद तक मौसमी वायरल संक्रमण या इन्फ्लूएंजा जैसा व्यवहार कर रहा है।
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क्या फिर लौट रहा है कोरोना?
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर कोरोना वायरस के नए वेरिएंट सामने आते रहते हैं। इसी वजह से हर एक या दो साल में संक्रमण के मामलों में कुछ बढ़ोतरी देखी जा सकती है। फिलहाल भारत में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि पहले जैसी बड़ी लहर आने वाली है। लेकिन संक्रमण को हल्के में लेना भी सही नहीं होगा।
कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह दी है-
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत हो तो मास्क पहनें।
- बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- बुखार, खांसी या गले में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- कमजोर इम्युनिटी वाले लोग बीमार व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें।
- पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक भोजन करें, ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।
फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत
देश में कोरोना के मामलों में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।











