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राष्ट्रपति भवन पहुंचे राघव चड्ढा और भगवंत मान:राष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें क्या बातचीत हुई ?

पंजाब की सियासत में उबाल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दल-बदल करने वाले राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई। दूसरी ओर, राघव चड्ढा ने भी राष्ट्रपति से मिलकर अपना पक्ष रखा। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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राष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें क्या बातचीत हुई ?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छह सांसदों पर जनता के भरोसे से विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राष्ट्रपति से उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। वहीं राघव चड्ढा ने सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस बीच बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने मान सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सीएम भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की मुलाकात 

मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब के छह राज्यसभा सांसदों के दल-बदल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मान ने राष्ट्रपति के सामने यह तर्क रखा कि यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है। उनके साथ मौजूद विधायकों ने भी इस मांग का समर्थन किया। अब इस पर राष्ट्रपति स्तर पर विचार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा कि इन सांसदों ने पार्टी छोड़कर जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए। मान का कहना है कि जनता ने इन्हें एक विशेष विचारधारा के साथ चुना था, लेकिन उन्होंने उसे छोड़ दिया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए उन्होंने कड़ा कदम उठाने की जरूरत बताई। इस मुद्दे पर पार्टी विधायकों ने भी एकजुटता दिखाई है।

'पंजाब सरकार राज्य तंत्र का दुरुपयोग कर रही'

राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राज्य तंत्र का दुरुपयोग कर सांसदों को निशाना बना रही है। चड्ढा ने कहा कि दो-तिहाई सांसदों ने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत निर्णय लिया है। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों का मामला बताते हुए राष्ट्रपति के सामने अपनी चिंता जाहिर की। उनके अनुसार, यह लड़ाई राजनीतिक नहीं बल्कि अधिकारों की रक्षा की है। इस बयान से विवाद और गहरा हो गया है।

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मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीएम पर साधा निशाना 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने इस प्रक्रिया को महज राजनीतिक नौटंकी करार दिया। सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राज्य को कर्ज के बोझ में धकेल रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उनका कहना है कि यह कदम केवल राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए उठाया गया है। बीजेपी के इस बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। अब दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

पंजाब में आप पार्टी को बड़ा झटका 

बता दें कि आप के छह राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इससे राज्यसभा में पार्टी के सांसदों की संख्या भी घट गई है और राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। इस पूरे विवाद ने पार्टी के अंदर चल रहे तनाव को सार्वजनिक कर दिया है। अब मामला राष्ट्रपति तक पहुंचने से यह और गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक फैसला देखने को मिल सकता है। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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