दमोह: डीई खत्म करवाकर बढ़िया पोस्टिंग के बदले 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते दो बाबू और एक मास्टर पकड़ाए

दमोह। सस्पेंड शिक्षक की बहाली के बाद विभागीय जांच (डीई) खत्म करवाकर बढ़िया जगह पोस्टिंग करवाने के बदले 80 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे एक मास्टर और दो बाबुओं को सोमवार को देर शाम लोकायुक्त सागर की पुलिस टीम ने पकड़ा है। आरोपी दमोह से जबलपुर जाने वाली सड़क पर घूस ले रहे थे, तभी पकडे गए।
सस्पेंड शिक्षक ने की थी रिश्वत मांगने की शिकायत
रिश्वत मांगने की शिकायत सस्पेंड शिक्षक नवेंद्र कुमार आठया पिता गिरधारी लाल आठया उम्र 36 वर्ष, प्राथमिक शिक्षक विज्ञान तात्कालिक शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा जिला दमोह मूल निवासी ग्राम करैया जोशी, तहसील हटा, जिला दमोह ने लोकायुक्त आॅफिस सागर में की। शिक्षक के अनुसार सस्पेंशन खत्म होने के बाद उचित जगह पदस्थापना करवाने एवं विभागीय जांच को समाप्त करवाने का कार्य करवाने के बदले आरोपी शिक्षक अनिल कुमार, बाबू नीरज कुमार और मनोज कुमार ने 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
सत्यापन के बाद बनाई गई ट्रैप टीम
रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाने पर सही निकली, जिसके बाद लोकायुक्त सागर एसपी योगेश्वर शर्मा ने रिश्वतखोरों को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित करके रवाना किया। इसमें निरीक्षक मंजू किरण तिर्की एवं निरीक्षक रंजीत सिंह तथा लोकायुक्त सागर स्टाफ शामिल था।
जबलपुर मार्ग पर रिश्वत लेते पकड़े गए
लोकायुक्त ट्रैप टीम ने रिश्वत आदान-प्रदान वाले स्थान दमोह में जबलपुर मार्ग के पास घेराबंदी कर ली। इसके बाद जैसे ही आवेदक शिक्षक से 80 हजार रुपए रिश्वतखोरों ने लिए, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार साहू पिता हलकाई प्रसाद साहू उम्र 40 वर्ष, माध्यमिक शिक्षक माध्यमिक शाला भूरी संकुल उर्दू स्कूल दमोह निवासी बीएसएनल कॉलोनी दमोह, नीरज कुमार सोनी पिता स्वर्गीय कमल प्रसाद सोनी उम्र 45 वर्ष, सहायक ग्रेड 3 कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दमोह निवासी राधा रमण मंदिर के पास असाटी वार्ड दमोह और मनोज कुमार श्रीवास्तव पिता स्वर्गीय आरसी श्रीवास्तव उम्र 58 वर्ष, सहायक ग्रेड 2 कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दमोह निवासी वसुंधरा कॉलोनी जैन मंदिर के पास सेंट्रल स्कूल के सामने दमोह हैं।
मददगार बने तीसरे बाबू को आरोपी बनाया गया
पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के अनुसार रिश्वतखोर आरोपी शिक्षक अनिल कुमार और रिश्वत में शेयर लेने आए बाबू नीरज सोनी के साथ मिलीभगत करके काम करवाने का ठेका लेने वाले तीसरे बाबू मनोज श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया जाकर गिरफ्तार किया गया। मनोज श्रीवास्तव वर्तमान में जिला शिक्षा कार्यालय दमोह में पदस्थ है।












