MK Stalin:तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन, चुनावी हार के बाद एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने स्टालिन और उनकी कैबिनेट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चुनाव में TVK 108 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। द्रमुक को 59 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। स्टालिन ने हार स्वीकार करते हुए मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने की बात कही है।
चुनावी नतीजों ने बदली तस्वीर
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ने 108 सीट जीतकर सभी को चौंका दिया है। वहीं, द्रमुक 59 सीटों पर सिमट गई, जो उसके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 47 सीटें मिलीं। इन नतीजों ने साफ कर दिया कि राज्य की जनता ने बदलाव का मन बना लिया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत का संकेत है।
स्टालिन का इस्तीफा मंजूर
चुनावी हार के बाद एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए नई व्यवस्था होने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है। बता दें कि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है ताकि शासन में कोई रुकावट न आए। इस्तीफे के साथ ही उनकी पूरी कैबिनेट भी भंग हो गई है। अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
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टीवीके को 3.52 प्रतिशत ज्यादा वोट मिले
हार के बावजूद स्टालिन ने अपने बयान में वोट प्रतिशत के अंतर को अहम बताया। उन्होंने कहा कि जीतने वाली पार्टी को उनसे केवल 17.43 लाख वोट ज्यादा मिले हैं। कुल वोट प्रतिशत में दोनों के बीच सिर्फ 3.52 प्रतिशत का अंतर रहा है। स्टालिन ने इसे जनता के भरोसे का संकेत बताया और कहा कि यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है। उन्होंने समर्थकों को निराश न होने का संदेश दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने की कोशिश की।
स्टालिन ने मतदाताओं का आभार व्यक्त किया
स्टालिन ने अपने संदेश में सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हर वोट उनके लिए एक विश्वास की तरह है, जिसे वे हमेशा सम्मान देंगे। उन्होंने पार्टी के जीते हुए उम्मीदवारों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं का धन्यवाद करें। स्टालिन ने यह भी कहा कि पार्टी हमेशा जनता के बीच रहकर काम करती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जुड़े रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
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'द्रमुक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी'
एमके स्टालिन ने स्पष्ट किया कि अब द्रमुक एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहकर योजनाएं बनाना और विपक्ष में रहकर जनता की आवाज उठाना, दोनों ही उनकी जिम्मेदारी है। स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए संघर्ष करती रहेगी। इस घोषणा के साथ उन्होंने साफ कर दिया कि हार के बाद भी उनकी राजनीतिक सक्रियता जारी रहेगी।












