UAE पर हमले से भड़का तनाव भारत :PM मोदी का कड़ा संदेश- यह अस्वीकार्य… भारत यूएई के साथ

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद कुछ दिनों की शांति अब टूटती नजर आ रही है। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है, जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा में ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए, जिसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, भारत यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।
PM मोदी का कड़ा बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस हमले को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि, नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि भारत सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए चाहता है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को क्षेत्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया।
विदेश मंत्रालय ने भी जताई सख्त प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि, फुजैरा में हुए हमले में तीन भारतीयों का घायल होना बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से अपील की कि वे ऐसे हमलों को तुरंत रोकें और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं। साथ ही, मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
फुजैरा में क्या हुआ?
यूएई के मुताबिक, ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 15 मिसाइलों और 4 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, लेकिन एक ड्रोन फुजैरा की प्रमुख तेल सुविधा में गिरा, जिससे वहां आग लग गई। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। इसके अलावा, क्षेत्र में दो मालवाहक जहाजों में आग लगने की भी खबर सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ईरान का रुख
ईरान ने इन हमलों में अपनी सीधी भूमिका से इनकार किया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और यूएई को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इस संघर्ष को और न बढ़ाएं। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी कम नहीं हुआ है और स्थिति आगे और बिगड़ सकती है।
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ऑपरेशन फ्रीडम और बढ़ता संकट
तनाव की शुरुआत अमेरिका के ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ से हुई, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। ईरान ने इस दौरान कुछ जहाजों को निशाना बनाया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इस रणनीतिक जलमार्ग में पहले से ही कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय जहाज भी शामिल हैं।
भारतीयों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा बड़ी चिंता बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस संघर्ष में 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक नागरिक लापता है। इसके अलावा 13 भारतीय ध्वज वाले जहाजों में करीब 200 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। भारत सरकार इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
फुजैरा क्यों है अहम?
फुजैरा यूएई का एक महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक केंद्र है। यहां से वैश्विक बाजार में बड़े पैमाने पर तेल की सप्लाई होती है। इसलिए यहां हुआ हमला सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस घटना पर टिकी हुई है।
भारत का रुख- शांति और कूटनीति पर जोर
भारत ने कहा है कि, वह इस पूरे संकट का समाधान युद्ध के बजाय बातचीत और कूटनीति में देखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय दोनों ने कहा है कि, क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है, ताकि वैश्विक स्तर पर किसी बड़े संकट से बचा जा सके।











