NHAI Facilities : नेशनल हाईवे पर अब हर 40 से 60 किमी पर मिलेगी पंचर-रिपयेरिंग शॉप

नई दिल्ली। देशभर में तेजी से बढ़ रहे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे नेटवर्क ने यात्रा को पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक बना दिया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अन्य आधुनिक मार्गों ने लंबी दूरी की यात्रा का समय घटाया है। हालांकि, सफर के दौरान अचानक वाहन खराब होने या टायर पंचर होने जैसी समस्याएं अब भी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं। खासकर सुनसान इलाकों में मदद मिलना मुश्किल होता है। इसी चुनौती को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।
NHAI ने फील्ड ऑफिसों को दिए निर्देश
वाहन चालकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए NHAI की सहयोगी संस्था नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने सभी फील्ड कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे सभी वे-साइड अमेनिटीज (WSA) सेंटर्स पर वाहन मरम्मत और पंचर रिपेयर की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों को आपात स्थिति में तत्काल तकनीकी सहायता मिल सकेगी।
एक ही स्थान पर जरूरी सेवाएं
आमतौर पर वे-साइड अमेनिटीज सेंटर्स हाईवे पर हर 40 से 60 किलोमीटर की दूरी पर बनाए जाते हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य यात्रियों को एक ही स्थान पर कई आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक इन केंद्रों में भोजन, शौचालय, ईंधन, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन नई व्यवस्था के बाद वाहन मरम्मत और मैकेनिक सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे लंबी दूरी के यात्रियों का भरोसा और बढ़ेगा।
ये भी पढ़ें: Pune Ketan Agarwal Murder Case : हर वक्त बिजी रहता था सिया का फोन, हमेशा रटती थी चेतन का नाम
रात में फंसने वालों को मिलेगा बड़ा सहारा
हाईवे पर रात के समय वाहन खराब हो जाना सबसे बड़ी समस्याओं में से एक माना जाता है। कई बार चालक और यात्री घंटों तक सहायता का इंतजार करते रहते हैं। एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर स्थिति और कठिन हो जाती है, क्योंकि वहां सामान्य सड़क की तरह तुरंत बाहर निकलना संभव नहीं होता। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे यात्रियों को नजदीकी अमेनिटीज सेंटर से तुरंत मदद मिल सकेगी, जिससे उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे सेंटर
करीब चार हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इन अमेनिटीज सेंटर्स को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां पहले से रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, विश्राम स्थल, स्वच्छ शौचालय और ट्रक चालकों के लिए विशेष व्यवस्था मौजूद है। अब मैकेनिक शॉप और पंचर रिपेयर सेवाओं के जुड़ने से ये सेंटर यात्रियों के लिए पूर्ण सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
PPP मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ रही योजना
सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आगे बढ़ा रही है। निजी कंपनियों की भागीदारी से इन सुविधाओं का निर्माण और संचालन किया जा रहा है। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा और यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएं मिल सकेंगी। यह मॉडल देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
ये भी पढ़ें: ऐसे खुली केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें... पढ़ें सिया-चेतन की वो 5 बड़ी गलतियां जिसने उन्हें पहुंचाया जेल
700 से अधिक केंद्र बनाने का लक्ष्य
योजना के तहत देशभर के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 700 से अधिक वे-साइड अमेनिटीज सेंटर्स विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 134 से ज्यादा केंद्रों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 511 परियोजनाएं विभिन्न कंपनियों को आवंटित की जा चुकी हैं। शेष 56 केंद्रों के लिए भी जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे देश के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को पंचर, इंजन खराबी या अन्य तकनीकी समस्याओं के लिए लंबी दूरी तक मदद तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही स्थान पर भोजन, ईंधन, चार्जिंग और वाहन मरम्मत जैसी सुविधाएं मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि हाईवे यात्रा को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद भी बनाएगी।
ये भी पढ़ें: ICC Rankings : जो रूट टेस्ट में नंबर 1, वनडे में शुभमन गिल सीधे पहुंचे नंबर 2 पर












