Ali Khamenei's Funeral :पांच दिन चलेगा अली खामेनाई का अंतिम संस्कार, ईरान ने PM मोदी को भेजा न्योता

इंटरनेशनल डेस्क। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। हालांकि नई दिल्ली की ओर से अभी तक इस निमंत्रण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस समारोह में दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
9 जुलाई को किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से शुरू होंगे और कई दिनों तक जारी रहेंगे। 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष धार्मिक सभाएं आयोजित की जाएंगी, जहां हजारों लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर और ईरान के प्रमुख धार्मिक केंद्र मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सरकार ने इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर का आयोजन घोषित किया है।
अंतिम संस्कार में देरी पर भी रही चर्चा
इस्लामिक परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति को मृत्यु के बाद जल्द दफनाया जाता है, लेकिन युद्ध और असाधारण परिस्थितियों में इस नियम में छूट दी जा सकती है। फरवरी में हुए हवाई हमलों के बाद से ही खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। पहले जून के अंत में दफनाने की चर्चा थी, लेकिन बाद में ईरानी प्रशासन ने जुलाई में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया। सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों को भी इस निर्णय का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
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रिकॉर्ड भीड़ जुटने की संभावना
ईरान के तीन प्रमुख शहरों तेहरान, क़ोम और मशहद में होने वाले इस आयोजन में करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो यह दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार आयोजनों में से एक बन सकता है। इससे पहले 1989 में ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में लगभग एक करोड़ लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई थी। कई विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और मुस्लिम देशों के नेताओं के भी कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना है।
नए सुप्रीम लीडर को लेकर बना है सस्पेंस
अली खामेनेई के निधन के बाद उनके पुत्र मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने देश के नए सर्वोच्च नेता के रूप में जिम्मेदारी संभाली। हालांकि उनकी सेहत और सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न दावे सामने आए हैं, लेकिन ईरान की ओर से इस संबंध में स्पष्ट और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में नए नेतृत्व की स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।
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