ऐसे खुली केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें...पढ़ें सिया-चेतन की वो 5 बड़ी गलतियां जिसने उन्हें पहुंचाया जेल

पुणे के गहुंजे निवासी 26 वर्षीय कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले की खाई में गिरने से हुई मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था। लेकिन पुलिस जांच में यह मामला एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में बदल गया। जांच में सामने आया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस को पांच ऐसे अहम सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
5 पॉइंट्स में समझिए कैसे सुलझी मर्डर मिस्ट्री
1. सीसीटीवी में दिखा 'हुडी वाला लड़का'
जांच के दौरान पुलिस ने लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें केतन और सिया के पीछे एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। सबसे हैरानी की बात यह थी कि करीब 33 डिग्री तापमान में भी उसने मोटी हुडी पहन रखी थी और चेहरा छिपाने के लिए कैप नीचे कर रखी थी। एक फुटेज में सिया के पीछे मुड़ते ही युवक अचानक झुकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को यही व्यवहार संदिग्ध लगा और यहीं से जांच की दिशा बदल गई। बाद में यही युवक चेतन चौधरी निकला।
2. 15 दिनों में चार बार लोहागढ़ ले जाने की कोशिश
- 31 मई को पहली बार दोनों किले गए।
- 4 जून को दोबारा जाने की कोशिश हुई, लेकिन परिवार ने मना कर दिया।
- 14 जून को सिया कथित तौर पर केतन को धक्का देने की कोशिश कर चुकी थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया।
- 18 जून को सिया ने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर हत्या की साजिश को अंजाम दे दिया।
- केतन के परिवार ने पुलिस को बताया कि सगाई के बाद से सिया बार-बार उसे लोहागढ़ किला ले जाने की जिद कर रही थी।
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3. बाली ट्रिप से पहले अचानक गायब हुआ पासपोर्ट
जांच में यह भी सामने आया कि केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट इंडोनेशिया के बाली में होना था। लेकिन यात्रा से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया।
पुलिस को शक है कि सिया नहीं चाहती थी कि केतन विदेश जाए। इसलिए पासपोर्ट गायब कर उसे भारत में ही रोका गया, ताकि हत्या की योजना पूरी की जा सके। नवंबर में दोनों की शादी भी तय थी।
4. बहन की सतर्कता और 238 घंटे की बातचीत
केतन की मौत के चार दिन बाद जब सिया शोक व्यक्त करने उसके घर पहुंची, तो केतन की बहन संजना ने उससे कई सवाल पूछे। जवाबों में विरोधाभास देखकर उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल फोरेंसिक जांच में खुलासा हुआ कि सिया और चेतन पिछले तीन साल से रिश्ते में थे। जनवरी से जून के बीच दोनों ने 2,004 बार बातचीत की और करीब 238 घंटे तक कॉल पर जुड़े रहे। पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले दोनों लगातार संपर्क में थे।
5. इंटरनेट बंद कर बचना चाहता था चेतन
चेतन ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए हत्या वाले दिन सुबह से शाम तक अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद रखा। उसने अपना फोन दुकान पर छोड़ दिया और एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर लोहागढ़ पहुंचा।
लेकिन पुलिस ने कर्मचारी के फोन की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और चेतन की सोशल मीडिया तस्वीरों का मिलान किया। इससे हुडी पहनकर घूम रहे युवक की पहचान हो गई और उसकी पूरी योजना नाकाम हो गई।
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पांच सुरागों ने खोला हत्या का राज
सीसीटीवी फुटेज, बार-बार किले पर जाने की कोशिश, पासपोर्ट का गायब होना, प्रेमी से लगातार बातचीत और मोबाइल लोकेशन छिपाने की कोशिश इन पांच अहम सुरागों ने केतन अग्रवाल हत्याकांड की पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।











