नई दिल्ली। 14 फरवरी… एक ऐसी तारीख जो भारत कभी नहीं भूल सकता। सात साल पहले इसी दिन पुलवामा की धरती पर आतंक ने देश की आत्मा को झकझोर दिया था। आज जब पूरा देश उन शहीदों को याद कर रहा है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सत्ता और विपक्ष के नेताओं तक ने एक सुर में कहा- पुलवामा के वीर जवानों का बलिदान अमर है।
पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शहीद CRPF जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि, 2019 में पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों को आज देश याद कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि, शहीदों की निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति सेवा हमारी सामूहिक चेतना में हमेशा अंकित रहेगी। उनका अदम्य साहस हर भारतीय को ताकत और प्रेरणा देता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि, यह बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है और आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पुलवामा के अमर वीरों का बलिदान आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि, उनका बलिदान भारतीय शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पुलवामा के अमर जवानों का बलिदान आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प मजबूत करता है।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शहीदों को नमन किया और कहा कि उनका अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण कभी भुलाया नहीं जा सकता।
एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, भारतीय सैनिकों का त्याग और बलिदान देश की संप्रभुता की रक्षा की मिसाल है।
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले को निशाना बनाकर आत्मघाती आतंकी हमला किया गया था।
इस भयावह हमले में 40 से ज्यादा CRPF जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भारत के इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है, जिसने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया था।
पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सीमा पार आतंकवाद को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस हमले ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति को और सख्त करने की दिशा तय की।
हर साल 14 फरवरी को पुलवामा हमले में शहीद जवानों की याद में देश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन को कई लोग ‘ब्लैक डे’ के रूप में भी याद करते हैं, ताकि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया न जा सके।
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