प्रवीण श्रीवास्तव ’ भोपाल। वैलेंटाइन डे उन रिश्तों का जश्न है, जो हर मुश्किल और डर के बावजूद खिलते हैं। प्रेम के इस पावन दिन पर हम एक ऐसे जोड़े के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने प्यार को न केवल महसूस किया बल्कि इसे दिल और आत्मा से निभाया भी। भोपाल के रहने वाले राहुल और सिया (दोनों के नाम परिवर्तित) एक-दूसरे से गहरा प्रेम करते हैं, लेकिन उनकी कहानी सामान्य प्रेम कहानियों से अलग है। दोनों HIV पॉजिटिव हैं। इसके बावजूद वे शादी करना चाहते थे। जब उन्होंने डॉक्टर से बात की तो उन्होंने शादी नहीं करने की सलाह दी। डॉक्टर ने साफ कहा कि शारीरिक संबंध और परिवार बढ़ाने के फैसले में जोखिम और जटिलताएं हो सकती हैं।
डॉक्टर की बात सुन एक पल के लिए दोनों के सामने सन्नाटा छा गया था। समाज का डर, भविष्य की अनिश्चितता और लोगों की सोच-सब कुछ उनके सामने था, लेकिन इन सबके बीच एक चीज अडिग रही , उनका प्यार। दोनों ने मिलकर फैसला किया कि वे शादी करेंगे, लेकिन शारीरिक संबंध के बिना। उनके लिए साथ रहना, एक-दूसरे का हाथ थामे रहना ही सबसे बड़ी खुशी है। राहुल एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं और पुणे मे रहते हैं। वहीं सिया भी HIV पीड़ित मरीजों के लिए काम करती हैं।
सिया बताती हैं कि उन्हें यह संक्रमण अपनी मां से मिला। उन्होंने बताया कि मां को गर्भावस्था के दौरान पता चला कि वह HIV पॉजीटिव थीं। उस समय ट्रीटमेंट भी चला लेकिन मुझे यह संक्रमण मिल गया। कई सालों तक मुझे इसके बारे में नहीं पता था। जब मैं बड़ी हुई तब मां ने बताया कि मैं किस बीमारी की दवा लेती हूं। शुरू मे तो लगा कि मेरी जिंदगी खत्म हो गई, लेकिन बाद में मैं इन्हीं पीड़ितों के लिए काम करने लगी। इसी दौरान राहुल से मुलाकात हुई।
राहुल कहते हैं, डॉक्टर के मना करने के बाद भी हमने तय किया कि हमें जिंदगी साथ जीनी है। वे बताते हैं कि सिया की आंखें भर आती हैं जब वह कहती हैं, लोग सोचते हैं कि HIV पॉजिटिव होना जिंदगी खत्म कर देता है, लेकिन हमें लगा कि अगर प्यार सच्चा है तो वह हर मुश्किल से बड़ा होता है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राजधानी भोपाल में 6100 एड्स मरीज रजिस्टर्ड हैं। भोपाल में 10 में से 1 मरीज युवा (20-30) होते थे, लेकिन पिछले दो सालों से 10 में से 3 युवाओं में एड्स के मामले आ रहे हैं। इनमें अधिकांश डेटिंग ऐप या पब में पार्टी के दौरान किसी से मिले और संक्रमित हो गए। भोपाल में रोजाना 10 से 12 केस एड्स के आ रहे हैं।
अब नए ट्रीटमेंट आ गए हैं। अगर माता और पिता दोनों पॉजिटिव हैं तो नियमित उपचार से बच्चे के निगेटिव होने के चांस 95 प्रतिशत तक बढ़ जाते हें। हालांकि इसके लिए दंपति को डॉक्टरों की सलाह माननी होगी। यही नहीं, वायरस एक्टिव नहीं है और इम्युनिटी भी अच्छी है तो इस ट्रीटमेंट का असर ज्यादा होता है। बस लोगों चाहिए कि वे इलाज के दौरान थोड़ी सी सावधानी जरूरी बरतें।
डॉ. हेमंत वर्मा, एचआईवी एड्स विशेषज्ञ