नई दिल्ली। देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नया पता अब ‘सेवा तीर्थ’ हो गया है। पहले जिसे ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था, उसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैला यह अत्याधुनिक परिसर अब शासन के शीर्ष फैसलों का नया केंद्र बनेगा। 1189 करोड़ रुपए की लागत से एलएंडटी कंपनी द्वारा तैयार इस कॉम्पलेक्स में तीन प्रमुख इमारतें—सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3—निर्मित की गई हैं।
सेवा तीर्थ का सबसे बड़ा उद्देश्य शीर्ष प्रशासनिक संस्थानों को एक स्थान पर लाना है। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित किया गया है, जबकि सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय कार्यरत है, जो सितंबर 2025 में यहां स्थानांतरित हो चुका है। वहीं सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय स्थित है। पहले ये सभी संस्थाएं अलग-अलग स्थानों पर संचालित होती थीं, लेकिन अब इनके एक साथ आने से निर्णय प्रक्रिया में तेजी और समन्वय की उम्मीद बढ़ी है।
इस नए प्रशासनिक परिसर के साथ ही प्रधानमंत्री के नए आवास का निर्माण भी पास में ही जारी है। इसके पूर्ण होने के बाद प्रधानमंत्री मौजूदा 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित निवास से नए आवास में स्थानांतरित हो जाएंगे। यह बदलाव प्रशासनिक सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।
सेवा तीर्थ में कार्यारंभ करते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। इन फैसलों को ‘सेवा की भावना’ से प्रेरित बताया गया है। इनमें पीएम राहत योजना को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं समेत अन्य हादसों के पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए ‘लखपति दीदी’ मिशन का लक्ष्य मार्च 2029 तक 6 करोड़ तक बढ़ा दिया है। वहीं किसानों के लिए कृषि अवसंरचना कोष को दोगुना कर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी। इसके अलावा स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10,000 करोड़ रुपये के साथ मंजूरी दी गई है, जो डीप टेक और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देगा। इन पहलों के साथ सेवा तीर्थ से शुरू हुआ नया अध्याय देश की विकास यात्रा को नई गति देने वाला माना जा रहा है।