भोपाल। मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला सूची जारी कर दी। जिसमें राज्य के कई अहम विभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंप दी गई। इस फेरबदल में 11 आईएएस और 4 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। स्वास्थ्य, वन, जनसंपर्क, आबकारी, कृषि, बिजली वितरण और जिला पंचायत जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई नियुक्तियां हुई हैं।
देर रात जारी हुए इन आदेशों से साफ है कि, सरकार प्रशासनिक कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव कर रही है। कई अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें पुराने विभागों से हटाकर नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव (ACS) नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग राज्य सरकार के सबसे संवेदनशील विभागों में से एक माना जाता है और बर्णवाल को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और ढांचे को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।
वहीं 2000 बैच के आईएएस संदीप यादव को वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। इससे पहले वे स्वास्थ्य विभाग से जुड़े रहे हैं। वन विभाग में उनकी नियुक्ति से पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने आईएएस मनीष सिंह को एक बार फिर जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। मनीष सिंह के पास इसके साथ परिवहन सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच संवाद का अहम माध्यम होता है, ऐसे में इस नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं जनसंपर्क आयुक्त रहे दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त बनाया गया है। वे करीब चार महीने तक जनसंपर्क आयुक्त के पद पर रहे थे। आबकारी विभाग राज्य के राजस्व से जुड़ा अहम विभाग है, जहां नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सक्सेना के कंधों पर होगी।
2009 बैच के आईएएस अजय गुप्ता को किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक पद से हटाकर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया गया है। बिजली वितरण कंपनियों में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
वहीं 2010 बैच के आईएएस अभिजीत अग्रवाल को राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) का प्रबंध संचालक बनाया गया है। वे दो साल तक आबकारी आयुक्त के पद पर रहे और अब मार्कफेड की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो किसानों और सहकारी संस्थाओं से जुड़ा अहम संगठन है।
2011 बैच के आईएएस उमाशंकर भार्गव को राजभवन से वापस बुलाकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग का संचालक नियुक्त किया गया है। करीब आठ महीने बाद उनकी राजभवन से वापसी हुई है। कृषि विभाग राज्य की बड़ी आबादी से जुड़ा है, ऐसे में इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
वहीं भिंड जिला पंचायत के सीईओ रहे सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव नियुक्त किया गया है। यह पद राजभवन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व माना जाता है।
जिला पंचायत स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं।
देर रात जारी तबादला सूची में चार राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। भुरला सिंह सोलंकी को जिला पंचायत आगर मालवा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। मिलिंद कुमार नागदेवे को जिला पंचायत खरगोन, वीर सिंह चौहान को जिला पंचायत भिंड का सीईओ बनाया गया है। वहीं, राकेश शर्मा को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में मुख्य महाप्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक हलकों में इन तबादलों को सरकार की रणनीतिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी नीतिगत फैसलों, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक गति बढ़ाने के लिए यह फेरबदल किया गया है। खासतौर पर स्वास्थ्य, जनसंपर्क, कृषि और बिजली जैसे विभागों में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।