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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा-देश में 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी, सिकल सेल मिशन की बड़ी उपलब्धि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। शुक्रवार को अपने पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान ओंकारेश्वर पहुंचीं राष्ट्रपति ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मिशन की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
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देश में 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी, सिकल सेल मिशन की बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया

खंडवा। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत देशभर में 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा होना बड़ी उपलब्धि है।  उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए देशभर में चलाए जा रहे प्रयास उत्साहजनक परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत के समय जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है।

स्क्रीनिंग पूरी हुई, मप्र का महत्वपूर्ण योगदान

राष्ट्रपति ने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जो आनुवंशिक रोगों की जांच के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश में अब तक सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है तथा अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।

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केंद्र सरकार ने सिकल सेल से जुड़ी चुनौती को गंभीरता से लिया 

राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिकल सेल से जुड़ी चुनौती को गंभीरता से लेते हुए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। लगभग तीन वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया था। यह देश का पहला ऐसा मिशन है, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रूप में संचालित किया जा रहा है। मिशन की रूपरेखा तैयार करने में आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट्स, एम्स, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विभिन्न राज्य सरकारों के शोध एवं अध्ययनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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मिशन के तीन प्रमुख आयामों का उल्लेख किया

राष्ट्रपति ने मिशन के तीन प्रमुख आयामों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहला लक्ष्य व्यापक जनजागरूकता और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग को बढ़ावा देना है। दूसरा, बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग कर समय रहते रोग की पहचान करना और तीसरा, रोगियों के लिए निरंतर एवं समग्र स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना है।

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वर्ष 2047 से पहले ही देश को सिकल सेल मुक्त होगा

उन्होंने बताया कि मिशन मोड में की गई स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप देशभर में अब तक लगभग ढाई लाख सिकल सेल रोगियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि 20 लाख से अधिक वाहक (कैरियर) भी चिन्हित हुए हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्यों के सहयोग और सक्रिय प्रयासों से वर्ष 2047 से पहले ही देश को सिकल सेल मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में जनजातीय समुदाय की सबसे बड़ी आबादी मध्यप्रदेश में निवास करती है। ऐसे में राज्य जनजातीय विकास और स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, ऐसी उन्हें आशा है।

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प्रदेश में अब तक 1.32 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग: राज्यपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन को राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप दिया गया है और वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 की शुरुआत की गई थी। राज्यपाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है तथा लगभग 95 से 96 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य अगले दो से तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में बीमारी के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ी है।

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सिकल सेल रोग का प्रभाव पूरा परिवार और कई पीढ़ियां झेलती हैं : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली से सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश पूरे देश में पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल रोग का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसकी रोकथाम समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान, जेनेटिक काउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। साथ ही 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया यह मिशन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, जनजातीय विकास और सिकल सेल उन्मूलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अभियान के लक्ष्य प्राप्त होने तक प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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