हरदा:पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, राजस्व कार्य हुए प्रभावित

हरदा। पटवारी संघ का कहना है कि कई चरणों में आंदोलन और ज्ञापन देने के बावजूद शासन स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल के कारण किसानों और आम नागरिकों से जुड़े राजस्व कार्यों के साथ विभाग की 12 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जिले की सभी तहसीलों के पटवारी धरना स्थल पर एकत्र होकर शासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए वर्षों से लंबित मांगों के जल्द निराकरण की मांग कर रहे हैं।
मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पटवारी
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि पटवारियों ने पहले चरणबद्ध आंदोलन के तहत काली पट्टी बांधकर काम किया, शासकीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार किया और ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया था। इसके बावजूद शासन स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। संघ का कहना है कि राजस्व मंत्री, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को कई बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते प्रदेशभर के पटवारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
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मांगों पर जल्द लिया जाए निर्णय
प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा पटवारी राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और गांव-गांव में किसानों से जुड़े ज्यादातर कार्य पटवारियों के माध्यम से ही पूरे होते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद वर्षों से उनकी सेवा संबंधी मांगें लंबित हैं। ऐसी स्थिति में आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है। उन्होंने शासन से जनहित और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
किसानों को हो रही परेशानी
पटवारियों की हड़ताल का सबसे अधिक असर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर दिखाई देने लगा है। खरीफ सीजन के बीच किसान फसल बीमा, ई-केवाईसी, ई-टोकन, खाद वितरण, फार्मर आईडी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, गिरदावरी, खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि और अन्य राजस्व कार्यों के लिए तहसीलों और पटवारी हल्कों के चक्कर लगा रहे हैं। हड़ताल के कारण अधिकांश कार्य लंबित हो रहे हैं और किसानों का कहना है कि कृषि कार्यों के महत्वपूर्ण समय में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन सेवाओं पर भी पड़ा असर
हड़ताल के कारण राजस्व विभाग की 12 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इनमें ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, सारा एप्लिकेशन, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली, फार्मर रजिस्ट्रेशन और लघु सिंचाई गणना जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, कब्जा दिलाना, प्राकृतिक आपदा सर्वे, कानून-व्यवस्था से जुड़े राजस्व दायित्व और अन्य मैदानी कार्य भी पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी संघ का कहना है कि वे नहीं चाहते कि किसानों और आम नागरिकों को परेशानी हो, लेकिन लंबे समय से अनदेखी के कारण आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है।
Edited By: Rohit Sharma












