प्रयागराज में बड़ा हादसा! स्वामी नारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा गड्ढे में समाया, पानी भरने से कमजोर हुई नींव

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बड़ा हादसा हो गया। जार्ज टाउन थाना क्षेत्र में स्थित स्वामी नारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा अचानक भरभराकर पास में खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरा। मंदिर का हिस्सा गिरते ही तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचे। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय मंदिर का हिस्सा गिरा, वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके चलते हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की खबर सामने आई।
मंदिर के पीछे चल रहा था निर्माण कार्य
जानकारी के मुताबिक, स्वामी नारायण मंदिर के पीछे एक नई बिल्डिंग बनाने का काम चल रहा था। यहां तीन मंजिला इमारत तैयार की जानी थी। इसके लिए पिछले करीब तीन-चार महीनों से निर्माण कार्य किया जा रहा था। नई इमारत की नींव तैयार करने के लिए मंदिर के पीछे काफी गहरा गड्ढा खोदा गया था। बारिश के दौरान इस गड्ढे में पानी भर जाता था। खराब मौसम और बारिश के कारण इन दिनों निर्माण कार्य भी बंद था। आशंका है कि इसी गहरे गड्ढे और उसमें जमा पानी के कारण मंदिर के पीछे वाले हिस्से की जमीन कमजोर होती चली गई। इससे मंदिर की नींव पर भी असर पड़ा और देर रात तीन मंजिला हिस्सा अचानक ढह गया।
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पानी भरने से कमजोर हुई नींव?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी जमा हो रहा था। पानी भरने की वजह से आसपास की मिट्टी में नमी और सीलन बढ़ गई थी। इसी वजह से मंदिर के उस हिस्से की नींव कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की सही वजह जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर का हिस्सा अचानक तेज आवाज के साथ नीचे बने गड्ढे में गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
धर्मशाला के तौर पर इस्तेमाल होता था यह हिस्सा
मंदिर का जो हिस्सा गिरा है, उसका इस्तेमाल धर्मशाला के रूप में किया जाता था। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालु ठहरते थे। मंदिर के सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह के मुताबिक, इस हिस्से में सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुकते थे। खासतौर पर दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालु यहां ठहरते थे। हालांकि पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम के कारण श्रद्धालुओं की संख्या कम थी। हादसे के वक्त भी मंदिर के इस हिस्से में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसी वजह से इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद किसी की जान नहीं गई।
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हादसे के समय मंदिर में नहीं था कोई श्रद्धालु
यह हादसा ऐसे समय हुआ जब मंदिर का यह हिस्सा खाली था। अगर यहां श्रद्धालु या कर्मचारी मौजूद होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों के बीच हालांकि काफी देर तक डर का माहौल बना रहा। तेज आवाज के बाद लोग अपने घरों और आसपास की जगहों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर जमा हो गए।
बारिश और निर्माण कार्य से बढ़ा खतरा
प्रयागराज में लगातार बारिश के दौरान निर्माणाधीन जगहों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गहरे गड्ढे में पानी जमा होने से मिट्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है। अगर उसके ठीक पास पुरानी इमारत की नींव हो तो खतरा और बढ़ जाता है। स्वामी नारायण मंदिर की घटना में भी ऐसा ही होने की आशंका जताई जा रही है। मंदिर के पीछे चल रहे निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में पानी भरने और आसपास की जमीन कमजोर होने को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
बड़ा हादसा टला, अब जांच जरूरी
मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा गिरना अपने आप में गंभीर घटना है। हालांकि सबसे बड़ी राहत यह है कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।



















