MahaKumbh Stampede : महाकुंभ में संगम तट पर मची भगदड़, 10 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल; अखाड़ों का अमृत स्नान रद्द

प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या से पहले मंगलवार की रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। भीड़ का दबाव अचानक इतना बढ़ गया कि भगदड़ मच गई, जिसमें अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरने वालों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। वहीं प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। विशेष सतर्कता बरतते हुए अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया है।
सभी घाटों पर शांतिपूर्ण स्नान जारी, अफवाहों पर ध्यान न दें : योगी
महाकुंभ में देर रात कुछ समय के लिये भगदड़ जैसे हालात बनने के बाद स्थिति संगम तट पर स्थिति अब सामान्य हो चुकी है और सरकार ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह देते हुये अपील की है कि वे अपने नजदीक के घाट पर ही स्नान करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि श्रद्धालु मां गंगा के जिस घाट के समीप है, वहीं स्नान करें और संगम की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं और इनमें से किसी में भी स्नान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें और व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। श्रद्धालु किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। इस बीच सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान चल रहा है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।' देखें वीडियो...रात 2 बजे मची अफरातफरी
यह हादसा रात करीब 2 बजे संगम तट के पास हुआ, जब लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए उमड़े थे। अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग कुचल गए और कई नदी में गिर गए। अराजकता के बीच मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी स्थिति संभालने में जुट गए, लेकिन तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी।












