महर्षि वाल्मीकि जयंती पर PM मोदी ने दीं शुभकामनाएं, कहा- ‘उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति की पहचान’

नई दिल्ली। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देशभर में आदिकवि को याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा कर लोगों को इस खास दिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार भारतीय संस्कृति और विरासत को मजबूत बनाते हैं। उनकी सीख आज भी लोगों को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। पीएम मोदी ने रामायण के उन प्रसंगों का भी जिक्र किया, जो प्रेम, सेवा और सबको साथ लेकर चलने का महत्व समझाते हैं।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर पीएम मोदी ने दिया खास संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं भारतीय संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। पीएम मोदी के अनुसार, मानवता के लिए महर्षि वाल्मीकि का संदेश आज भी लोगों को जीवन में सही फैसले लेने और अच्छे काम करने की राह दिखाता है।
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रामायण की रचना से जुड़ी करुणा की कहानी
प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य संदेश में संस्कृत का एक श्लोक साझा किया। यह श्लोक महाकवि कालिदास के ग्रंथ ‘रघुवंशम्’ के चौदहवें सर्ग से लिया गया है। इसमें महर्षि वाल्मीकि के मन में करुणा जागने और उनके भावों के श्लोक के रूप में सामने आने का वर्णन है। इस प्रसंग के अनुसार, जब महर्षि वाल्मीकि ने एक क्रौञ्च पक्षी के जोड़े में से एक पक्षी को मारे जाने के बाद दूसरे की पीड़ा देखी, तो उनके मन में गहरा दुख पैदा हुआ। यही भावना संस्कृत के श्लोक के रूप में सामने आई। इस घटना को रामायण की रचना से जुड़ी महत्वपूर्ण शुरुआत के तौर पर याद किया जाता है।
मन की बात में भी रामायण की सीख का जिक्र
इससे पहले रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं पर बात की थी। उन्होंने कहा कि हजारों साल बीतने के बाद भी रामायण लोगों को जीवन की नई सीख देती है। यह ग्रंथ लगातार प्रयास करते रहने के साथ सेवा, दया और समाज में मेलजोल बनाए रखने का संदेश देता है। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम का जीवन इन आदर्शों का अच्छा उदाहरण है। राम ने माता शबरी के प्रेम को अपनाया और निषादराज की मित्रता को सम्मान दिया। इन प्रसंगों से यह सीख मिलती है कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान देना और सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है।
अयोध्या में भी दिखती है महर्षि वाल्मीकि की विरासत
प्रधानमंत्री ने अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं। उन्होंने अयोध्या के एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखे जाने की बात भी कही। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास सेवा, समानता और करुणा जैसी भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।
नितिन गडकरी और योगी आदित्यनाथ ने भी किया नमन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देते हुए लोगों को जयंती की बधाई दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि रामायण भगवान राम के सत्य, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य जैसे आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाती है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी महर्षि वाल्मीकि को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामायण के माध्यम से भगवान राम की कथा और उनके आदर्श पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों तक पहुंचते रहे हैं। महर्षि वाल्मीकि की रचना आज भी धर्म, सत्य और मानव कल्याण का संदेश देती है।




















