दूध जल्दी देने को कहा तो भड़का दुकानदार! 6 साल के मासूम को गर्म कढ़ाई पर बैठाया; हालत देख परिवार परेशान

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 6 साल के मासूम बच्चे के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। देहली गेट थाना क्षेत्र के नगला महता में दूध लेने गए बच्चे को गर्म कढ़ाई पर जबरन बैठाने का आरोप एक दूध विक्रेता पर लगा है। बताया जा रहा है कि बच्चे ने दूध जल्दी देने के लिए कहा था, जिसके बाद दुकानदार ने यह कदम उठाया। घटना में बच्चे के कूल्हे और कमर का निचला हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। बच्चे के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
दूध लेने गया था मासूम, दर्दनाक घटना का हुआ शिकार
अलीगढ़ के नगला महता इलाके में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। 6 साल का बच्चा नितिन घर के पास स्थित दुकान से दूध लेने गया था। परिवार के अनुसार, बच्चे को अंदाजा भी नहीं था कि दूध लेने के लिए दुकान पर जाना उसके लिए इतने दर्दनाक अनुभव में बदल जाएगा। मामला शनिवार, 24 अक्टूबर की देर रात का बताया जा रहा है। पीड़ित के पिता सुंदर लाल के मुताबिक, नितिन हरी टंकी के पास स्थित दूध की दुकान पर पहुंचा था। वहां दूध मिलने में देरी होने पर उसने दुकानदार से जल्दी दूध देने के लिए कहा। आरोप है कि बच्चे की इस बात पर दुकानदार लल्लू नाराज हो गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर मासूम को जबरन गर्म कढ़ाई पर बैठा दिया। गर्म सतह के संपर्क में आने से बच्चे के कूल्हे और कमर के निचले हिस्से में गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं।
दूध जल्दी मांगने पर दुकानदार ने की क्रूरता
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि महज दूध जल्दी देने के लिए कहने पर बच्चे के साथ हिंसक व्यवहार किया गया। 6 साल की उम्र में बच्चे आमतौर पर अपनी जरूरतें बताने और बड़ों से मदद मांगने की स्थिति में होते हैं। ऐसे में किसी बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने की खबर ने बाल सुरक्षा और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद परिवार के लिए बच्चे का इलाज और उसकी देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। बच्चे को लगी चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पीड़ित बच्चे के पिता सुंदर लाल ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत में दूध विक्रेता लल्लू को नामजद करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
बच्चे की सुरक्षा पर उठे सवाल
अलीगढ़ की इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बच्चे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घर से बाहर निकलते हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि आसपास के वयस्क उनके साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से पेश आएंगे।



















