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भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च सफल:PM मोदी ने फोन कर दी बधाई, 450 किमी की कक्षा में पहुंचा विक्रम-1

PM नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक को फोन कर बधाई दी। भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक 450 किमी की कक्षा में पहुंचा, मिशन आगमन के तहत कई पेलोड अंतरिक्ष में भेजे गए।
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PM मोदी ने फोन कर दी बधाई, 450 किमी की कक्षा में पहुंचा विक्रम-1
स्काईरूट के फाउंडर से पीएम मोदी ने फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी।

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने शनिवार 18 जुलाई को नया इतिहास रच दिया। हैदराबाद की Skyroot Aerospace ने देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंपनी के संस्थापक पवन कुमार चंदना को फोन कर बधाई दी और इस उपलब्धि को भारत के अंतरिक्ष मिशन के लिए गर्व का क्षण बताया।

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PM मोदी ने फोन कर दी बधाई

लॉन्च के सफल होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक पवन कुमार चंदना से फोन पर बात की। उन्होंने पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता भारत के बढ़ते स्पेस इकोसिस्टम और निजी क्षेत्र की क्षमता का प्रमाण है।

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श्रीहरिकोटा से हुआ सफल प्रक्षेपण

विक्रम-1 रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया। लॉन्चिंग पहले सुबह 11:30 बजे निर्धारित थी लेकिन अंतिम समय में तकनीकी जांच के कारण काउंटडाउन कुछ मिनट के लिए रोका गया। सभी प्रणालियों की पुष्टि होने के बाद रॉकेट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की ओर रवाना किया गया। हालांकि लॉन्चपैड इसरो का था लेकिन रॉकेट का डिजाइन, निर्माण और मिशन संचालन पूरी तरह Skyroot Aerospace ने किया।

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450 किलोमीटर की कक्षा में पहुंचा विक्रम-1

विक्रम-1 ने पृथ्वी की करीब 450 किलोमीटर ऊंचाई वाली लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सफलतापूर्वक प्रवेश किया। इससे पहले कंपनी ने वर्ष 2022 में विक्रम-एस सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो लगभग 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था। विक्रम-1 की सफलता भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

'मिशन आगमन' के तहत भेजे गए कई पेलोड

इस मिशन को 'मिशन आगमन' नाम दिया गया। रॉकेट के साथ कई तकनीकी और व्यावसायिक पेलोड अंतरिक्ष में भेजे गए, जिनमें-

  • Grahaa Space का टेक्नोलॉजी पेलोड
  • Cosmoserve Space का पेलोड
  • DQubeD का स्पेस रिसर्च पेलोड
  • Skyroot Aerospace का इन-हाउस पेलोड

शामिल रहे।

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18 कैरेट सोने का आर्ट पीस और PM का पोस्टकार्ड भी अंतरिक्ष पहुंचा

मिशन के साथ Cosmos Diamonds की विशेष कलाकृति Cosmic Bloom और 18 कैरेट सोने से बना एक माइक्रो रॉकेट आर्ट पीस भी अंतरिक्ष में भेजा गया। इस पर सर सी. वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सूक्ष्म आकृतियां उकेरी गई हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा एक पोस्टकार्ड, जिस पर वंदे मातरम अंकित है उसे भी इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनाया गया। भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए यह मिशन एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है जो भविष्य में निजी कंपनियों की भागीदारी और वैश्विक स्पेस मार्केट में भारत की मजबूत मौजूदगी को नई दिशा देगा।

 

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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