US-Iran War:होर्मुज स्ट्रेट बना जंग का नया मैदान... दो तेल टैंकरों में आग लगने का दावा, अमेरिका ने तेज किए हवाई हमले

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह गया है। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से लेकर ईरान के कई शहरों तक मिसाइलों और हवाई हमलों की गूंज सुनाई दे रही है। ईरान ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने, तेल टैंकरों में धमाके और अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमलों का दावा किया है, जबकि अमेरिका लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करने की बात कह चुका है। हालांकि, दोनों पक्षों के कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
ईरान का दावा- MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सरकारी मीडिया के मुताबिक, बुशेहर के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाकर मार गिराया। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि यह अत्याधुनिक ड्रोन कुछ ही सेकंड में तबाह हो गया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में धमाके का दावा
ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में दो बड़े ऑयल टैंकर समुद्र में बिछी माइंस (बारूदी सुरंगों) वाले इलाके में पहुंच गए, जिसके बाद दोनों में जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई। IRGC का आरोप है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने जहाजों को गलत जानकारी देकर इस मार्ग पर भेजा। वहीं ईरानी नौसेना का कहना है कि उसने पहले ही इस रूट से न गुजरने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। हालांकि, किसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरण या संबंधित देशों ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
'होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद' होने का दावा
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहने तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ईरान ने चेतावनी दी कि, इस जलमार्ग से कच्चे तेल, गैस और अन्य ऊर्जा उत्पादों का निर्यात प्रभावित हो सकता है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
चार तेल टैंकर रोकने का भी दावा
ईरानी नौसेना ने यह भी दावा किया कि उसने अमेरिकी सुरक्षा के भरोसे आगे बढ़ रहे चार तेल टैंकरों को मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन के जरिए रोक दिया। ईरान ने जहाज मालिकों से अपील की है कि, वे अमेरिकी सुरक्षा दावों पर भरोसा कर इस मार्ग का इस्तेमाल न करें। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने लगातार सातवीं रात किए हवाई हमले
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा। अमेरिका के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य ढांचे को कमजोर करना है। अमेरिकी सेना ने विस्तृत लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए।
ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के दौरान कई इलाकों में विस्फोट हुए। प्रमुख स्थानों में शामिल हैं-
- यज्द प्रांत में कई धमाके
- फार्स प्रांत के लास इलाके में विस्फोट
- खुजेस्तान के अहवाज शहर पर हमले का दावा
- लोरिस्तान के खुर्रमाबाद में कई धमाकों की सूचना
- बंदर अब्बास और जस्क के आसपास हमलों की रिपोर्ट
ईरानी मीडिया ने कुछ पुलों के क्षतिग्रस्त होने का भी दावा किया है।
चाबहार पोर्ट पर हमला, भारत से जुड़ा टर्मिनल सुरक्षित
अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान के चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। अमेरिका का कहना है कि यह टावर ईरानी सैन्य निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था। वहीं भारत के लिए राहत की बात यह रही कि भारत से जुड़े शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भारतीय हितों से जुड़ी कार्गो सुविधाएं सुरक्षित बताई गई हैं।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी दावों के मुताबिक मिसाइल हमले इन क्षेत्रों की ओर किए गए-
- कतर स्थित अल उदैद एयरबेस
- कुवैत
- बहरीन
- सीरिया
- जॉर्डन के अमेरिकी सैन्य ठिकाने
ईरान का दावा है कि कुछ अमेरिकी सैन्य उपकरण भी नष्ट किए गए, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जॉर्डन का दावा- 10 ईरानी मिसाइलें हवा में नष्ट कीं
जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 10 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। सेना के मुताबिक इस कार्रवाई में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
ईरान ने की बिजली बचाने की अपील
लगातार हमलों के बीच ईरान ने स्वीकार किया कि उसके ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद सरकार ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
मौत और घायलों का आंकड़ा
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत हुई है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बाद में हुए नए हमलों में तीन और लोगों की मौत का दावा भी किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ब्रिटेन ने IRGC पर सख्त रुख अपनाया
ब्रिटेन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए उसके समर्थन को अपराध घोषित कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट में घटी जहाजों की आवाजाही
बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, हाल के दिनों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरानी सांसद की चेतावनी
ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका जमीनी सैन्य अभियान शुरू करता है, तो ईरान कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
ईरान ने पांच प्रमुख बंदरगाहों को चेताया
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रही तो क्षेत्र के पांच प्रमुख बंदरगाह भी ईरानी जवाबी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इनमें शामिल हैं-
- UAE का जेबेल अली पोर्ट
- बहरीन का मीना सलमान पोर्ट
- कुवैत का शुआइबा पोर्ट
- कतर का हमाद पोर्ट
- सऊदी अरब का किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट











