Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
Manisha Dhanwani
12 Jan 2026
Manisha Dhanwani
12 Jan 2026
Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
Aakash Waghmare
11 Jan 2026
Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सोमवार 22 सितंबर से शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि आरंभ हो रहा है और इसी दिन देश आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे देश के लिए एक बड़ा बदलाव बताते हुए 'जीएसटी बचत उत्सव' का नाम दिया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे मेड इन इंडिया उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि 'हर घर स्वदेशी का प्रतीक बने, हर दुकान स्वदेशी से सजे। गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है और मैं स्वदेशी खरीदता हूं।'
उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों में लोग अनजाने में विदेशी उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। यदि देशवासी कंघी, साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी सामान्य वस्तुएं भी भारत में निर्मित खरीदेंगे तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारतीय उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि साबुन, शैंपू, एनर्जी ड्रिंक, दीपावली की लाइटें, कंघी, पर्सनल केयर प्रोडक्ट, वाशिंग मशीन, ग्राइंडर, शेविंग क्रीम, चॉकलेट, मिल्क पाउडर और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसी चीजों में विदेशी उत्पादों का इस्तेमाल आम है। उन्होंने कहा कि इन वस्तुओं को भारतीय विकल्पों से बदलना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी में बड़े सुधारों की घोषणा करते हुए बताया कि अब टैक्स सिस्टम को सरल बनाते हुए सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% रखे गए हैं।
मोदी ने कहा कि इन सुधारों से व्यापार आसान होगा, निवेश बढ़ेगा और देश के मध्यम वर्ग, गरीब और छोटे कारोबारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
प्रधानमंत्री ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे मैन्यूफैक्चरिंग को गति दें और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तो ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा और हर राज्य विकसित भारत की यात्रा में बराबरी का भागीदार बनेगा।
मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से देश नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। जीएसटी बचत उत्सव न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक होगा बल्कि गरीबों, मध्यम वर्ग और व्यापारियों के लिए राहत भी लेकर आएगा। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस बदलाव को आत्मसात कर 'स्थानीय को वैश्विक' बनाने में योगदान दें।