नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार को एक नया मोड़ तब आया, जब कथित शराब नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। आम आदमी पार्टी के दफ्तर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न सिर्फ खुद को और पार्टी को निशाना बनाए जाने की बात कही, बल्कि इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा षडयंत्र बताया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने की सुनियोजित कोशिश की गई क्योंकि दिल्ली में उन्हें चुनावी तौर पर हराना संभव नहीं था।
केजरीवाल ने कहा, आम आदमी पार्टी को खत्म करने का आजाद भारत का सबसे बड़ा षडयंत्र रचा गया है... उन्होंने देखा कि दिल्ली में हमें नहीं हराया जा सकता है, दिल्ली की जनता हमारे काम से बहुत खुश है... जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल ईमानदार है, लेकिन मेरी ईमानदारी पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राजनीतिक साजिश का असर सिर्फ उनकी पार्टी पर ही नहीं पड़ा, बल्कि उनके परिवार को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए केजरीवाल ने कहा, इस षडयंत्र का हमारे परिवार ने बहुत भुगता... लेकिन पीएम मोदी और अमित शाह के षडयंत्र का खामियाजा दिल्ली के 3 करोड़ लोग भुगत रहे हैं, उसकी भरपाई कौन करेगा। दिल्ली की सभी सड़कें टूटी हैं, अस्पतालों में दवाईयां मिलना बंद हो गईं, मोहल्ला क्लीनिक बंद की जा रही हैं, यमुना का बहुत बुरा हाल है, एक चीज दिल्ली में इन्होंने ठीक की हो तो बताइए। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की पत्नी की बीमारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने उनके परिवार को भी गहरे तौर पर प्रभावित किया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा, हिम्मत है तो दोबारा चुनाव कराकर दिखा दें, अगर 10 से ज्यादा आपकी सीट आ गई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। दिल्ली की जनता त्रस्त हो चुकी है। आज देश का युवा, व्यापारी, उद्योगपति दुखी है। अमेरिका आज हमें आंख दिखा रहा है, लेकिन मोदी जी की हिम्मत नहीं है कि उनके खिलाफ कुछ बोल सकें। उन्होंने ED मामले का जिक्र करते हुए कहा, ED का मामला खत्म हो गया है। ED का मामला सीबीआई के आधार पर था... हम अगले हफ्ते आवेदन करेंगे, फिर ED का मामला खत्म हो जाएगा।
कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा, केजरीवाल, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया जेल गए, लेकिन क्या रॉबर्ट वाड्रा, राहुल गांधी या सोनिया गांधी जी जेल गईं। उन्होंने आगे कहा, मामले को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ले जाना उनका हक है, वो ले जाएं... जिस प्रकार निचली कोर्ट में न्याय हुआ, वैसे ही ऊपरी कोर्ट में भी न्याय होगा। मामले में जब कोई सबूत या गवाह है ही नहीं, तो ऊपरी कोर्ट में सबूत और गवाह कहां से लेकर आएंगे।
शुक्रवार को केजरीवाल के आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे, जहां से वे पार्टी दफ्तर पहुंचे और लोगों का अभिवादन किया। इसी दिन उन्हें और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कथित शराब नीति मामले में बरी कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, साथ ही इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी राहत मिली।