पीएम ई-बस योजना:जुलाई से पटना समेत 6 शहरों में दौड़ेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें, महिलाओं को मिलेगी पिंक बस सेवा

पटना। बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी पूरी कर ली है, जिससे लाखों यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सकेगी। इस योजना के तहत राजधानी पटना सहित छह प्रमुख शहरों में नई वातानुकूलित बसें चलाई जाएंगी। बसों के संचालन के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समझौता भी हो चुका है। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिलेगी, वहीं पर्यावरण को भी फायदा होगा।
पटना सहित छह शहरों को मिलेगी नई सुविधा
राज्य में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस योजना के तहत पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया में नई बसों का संचालन होगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर और आरामदायक यात्रा का विकल्प देना है। इन बसों के आने से शहरों के अंदर यात्रा करना आसान होगा। खासकर रोजाना नौकरी, पढ़ाई और अन्य कामों के लिए सफर करने वाले लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। नई बसों में आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर होगा।
जुलाई से शुरू होगा पहला चरण
योजना के पहले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इनमें सबसे अधिक 150 बसें पटना में चलेंगी। राजधानी में बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इन बसों के शुरू होने के बाद लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में बाकी बसों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
महिलाओं के लिए रहेंगी विशेष पिंक बसें
इस योजना की सबसे खास बात महिलाओं के लिए शुरू की जा रही पिंक बसें हैं। कुल 50 बसों को महिला यात्रियों के लिए विशेष रूप से चलाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का माहौल मिलेगा। रोजाना सफर करने वाली छात्राओं, नौकरीपेशा महिलाओं और अन्य यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बसों में अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी।
कम समय में चार्ज होंगी बसें
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग व्यवस्था पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य के सभी प्रमुख बस डिपो में फास्ट चार्जर लगाए जा रहे हैं। इन चार्जरों की मदद से बसें करीब एक से डेढ़ घंटे में पूरी तरह चार्ज हो सकेंगी। इससे बसों का संचालन बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, चार्जिंग व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
यात्रियों को मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा जीपीएस सिस्टम के जरिए बस की लोकेशन की जानकारी भी मिलती रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन, फायर सेफ्टी उपकरण और फर्स्ट एड किट की सुविधा होगी। साथ ही मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और डिजिटल सूचना प्रणाली भी उपलब्ध रहेगी, जिससे सफर और अधिक आसान बन सके।
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पर्यावरण को भी होगा फायदा
इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये डीजल बसों की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाती हैं। इससे शहरों की हवा साफ रखने में मदद मिलेगी और पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके अलावा ईंधन की खपत कम होने से खर्च में भी कमी आएगी।











