Pitru Paksha 2025 :पितृ पक्ष में क्यों पहने जाते हैं सफेद वस्त्र? जानें इसके पीछे का कारण

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं। इसलिए लोग श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करके पितरों को याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। श्राद्ध और पिंडदान के समय सफेद कपड़े पहनने की परंपरा है। ज्योतिषियों के अनुसार, सफेद रंग शुद्धता, पवित्रता और शांति का प्रतीक है। जब हम पितरों को याद करते हैं, तो यह रंग हमारे मन और भावनाओं को भी पवित्र बनाए रखता है।
शांति और सादगी का संदेश
पितृ पक्ष शोक का समय माना जाता है। इस दौरान घर का वातावरण शांत रहना चाहिए। इसलिए चटक और रंग-बिरंगे कपड़ों की जगह सफेद वस्त्र धारण करना उचित है।
मोह-माया से परे रहने की सीख
सफेद कपड़े पहनना इस बात का संकेत भी है कि इंसान को मोह-माया से ऊपर उठकर पितरों की आत्मा की शांति और उनकी स्मृति को समर्पित होना चाहिए। बता दें कि इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेंगे।











