पुष्पेंद्र सिंह,भोपाल। मध्यप्रदेश का प्रशासनिक हृदय स्थल एक बार फिर संभावित अग्निकांड के मुहाने पर खड़ा है। वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन, विंध्याचल भवन और पर्यावास भवन में पूर्व में आग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इससे सबक नहीं लिया गया और एनेक्सी के सामने बनी नई मल्टी पार्किंग में भारी मात्रा में कबाड़ रखा है। पार्किंग की दूसरी मंजिल पर खाली प्लास्टिक बोतलें, अनुपयोगी सरकारी फाइलें और कागज की कतरनों से भरे बोरे रखे हैं। यहां अगर एक चिंगारी भी उठी तो आग तेजी से फैल सकती है और पार्किंग पर खड़े सैकड़ों दोपहिया-चार पहिया वाहन चपेट में आ सकते हैं।
नई मल्टी पार्किंग के ग्राउंड फ्लोर को बंद कर दो वाहनों को पहली मंजिल पर शिफ्ट किया गया है। दूसरी और तीसरी मंजिल को कार पार्किंग के लिए आरक्षित किया गया है। यहां कर्मचारी और अधिकारियों के प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन खड़े होते हैं।जीएडी के अफसर इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। एसीएस संजय शुक्ला से मल्टी पार्किंग में कबाड़ और रद्दी रखे रहने के बारे में जानकारी चाही गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए।
पार्किंग स्थल से सटे रिहायशी क्षेत्र में सैकड़ों मकान मौजूद हैं और दिनभर आवाजाही बनी रहती है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है, लेकिन नाम न छापने की शर्त पर कर्मियों का कहना है कि कबाड़ हटाना उनका नहीं, सामान्य प्रशासन विभाग का दायित्व है।
9 मार्च 2024 : तीसरी मंजिल से लगी आग चौथी-पांचवीं तक पहुंची, पांच घंटे में काबू। कई कार्यालय और दस्तावेज नष्ट। 30 करोड़ से अधिक में जीर्णोद्धार का प्लान बना।
12 जून 2024 : वल्लभ भवन में आग की चौथी घटना। आग से अफरा तफरी मच गई थी।
12 जून 2023 : पांचवीं मंजिल पर आग, 15 घंटे बाद नियंत्रण। 300 करोड़ के सुधार की योजना बनाई गई।
5 अक्टूबर 2015 व 20 मार्च 2025 : ग्रामीण विकास विभाग के दस्तावेज खाक हो गए थे।