ट्रंप टैरिफ के चक्रव्यूह में फिर फंसी दुनिया :अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बेअसर, ग्लोबल टैरिफ 5% बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ वार ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा कर रखी है। यह कभी घटा रहा, तो कभी बढ़ा रहा। परिणाम ये है कि अमेरिकी सुप्रीम ने भी इस फैसले पर हस्तक्षेप किया था और राष्ट्रपति की इस कार्रवाई को पूरी तरह बेअसर बताते हुए रद्द किया था। हालांकि ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से भी इनकार कर दिया है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को जमकर सुनाया
ट्रंप ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर जानकारी दी कि वह टैरिफ को 10 % करेंगे। अमेरिकी की सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 : 3 बहुमत के आधार पर फैसला सुनाया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को IEEPA ताकत का यूज करने का अधिकार नहीं है। यह उपयोग करने की परमिशन सिर्फ संसद को है।
फैसले से नाराज ट्रंप ने 'सेक्शन-122' उपयोग किया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमत होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर एक नए कानून सेक्शन-122 के तहत 10% टैरिफ लागू कर दिया। इस प्रावधान के अंतर्गत अधिकतम 15% तक ही टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि, यह टैरिफ स्थायी नहीं होगा। नियमों के मुताबिक, सेक्शन-122 के तहत लगाया गया टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए ही प्रभावी रहेगा। अगर इसे आगे बढ़ाना है, तो इसके लिए अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस की मंजूरी लेना अनिवार्य होगी।
मंगलवार से लागू होगा 15 % टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। आदेश के मुताबिक 15% का यह टैरिफ 24 फरवरी से प्रभावी होगा। इससे पहले ट्रम्प ने टैरिफ को अवैध ठहराने वाले जजों की कड़ी आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आती है और वे देश के लिए कलंक हैं, क्योंकि उनमें देशहित में सही फैसला लेने का साहस नहीं है।
भारत के साथ व्यापार समझौते पर ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं और भारत के साथ ट्रेड डील यथावत रहेगी।











