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माओवाद को करारा झटका ;कुख्यात संगठन महासचिव देवजी का सरेंडर, तेलंगाना में घोषित था 25 लाख का इनाम

नक्सलियों के सरेंडर की खबरों पर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिल रही है कि तेलंगाना पुलिस के सामने देवजी और संग्राम ने आत्मसमर्पण किया है। यह सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है और नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक कदम है।
कुख्यात संगठन महासचिव देवजी का सरेंडर, तेलंगाना में घोषित था 25 लाख का इनाम

छत्तीसगढ़/हैदराबाद। नक्सवादियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर पिछले लंबे समय से अलर्ट मोड पर हैं और आए दिन नक्सलवाद के मंसूबों को मिटाने लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी के मद्देनजर नक्सलवादियों के खिलाफ जारी मुहिम के बीच CPI (माओवादी) के महासचिव टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी के सरेंडर की जानकारी सामने आई है।

तेलंगाना पुलिस के सामने किया सरेंडर

तेलंगाना के मुलुगु जिला में 60 वर्षीय देवजी ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए हैं। उनके साथ ही CCI संग्राम ने भी आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, इस मामले में तेलंगाना पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में तेलंगाना से जुड़े कई माओवादी कार्यकर्ता महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब इस कड़ी में देवजी का नाम भी शामिल हो गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

कौन है देवजी?

देवजी पर तेलंगाना में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। बताया जाता है कि वह मूल रूप से करीमनगर जिला का रहने वाला है। करीब आठ महीने पहले ही उसे नक्सल संगठन का महासचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले मई 2025 में सुरक्षाबलों ने एक बड़े अभियान में तत्कालीन शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया था। यदि देवजी के आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो यह एक साल के अंदर दूसरी बार होगा जब नक्सल संगठन अपने शीर्ष नेतृत्व से वंचित हो जाएगा। इसे सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

बसवा राजू के बाद नए महासचिव बने

बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने देवजी को अपना महासचिव बनाया था। मौजूदा समय में वह संगठन का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। देवजी पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही करीब 1.5 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। वहीं, संग्राम भी एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली बताया जा रहा है। ऐसे में उनके सरेंडर से प्रशासन के लिए बड़ी राहत मानी जा रहा है।

गृह मंत्री बोले- नक्सिलयों के समापन का अंतिम समय

इधर, नक्सलियों के सरेंडर की खबरों पर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिल रही है कि तेलंगाना पुलिस के सामने देवजी और संग्राम ने आत्मसमर्पण किया है। यह सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है और नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक कदम है।

गृहमंत्री ने आगे कहा कि नक्सलियों के समापन का अंतिम चरण चल रहा है। कुछ और नामों से भी बातचीत जारी है। कर्रेगुट्टा अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत अब तक 89 आईईडी बरामद की जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि नक्सलियों का गढ़ जल्द ही ढह जाएगा और 31 मार्च तक नक्सलवाद का पूरी तरह से अंत कर दिया जाएगा।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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