मेरठ। दिल्ली-NCR के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली हाईस्पीड नमो भारत रैपिड रेल का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही मेरठ मेट्रो को भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री रैपिड रेल में स्कूली बच्चों और श्रमिकों के साथ सफर करेंगे और बाद में मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली से मेरठ का सफर अब घंटों नहीं, बल्कि महज मिनटों में पूरा हो सकेगा।
नमो भारत रैपिड रेल के शुरू होते ही दिल्ली से मेरठ की 82.15 किलोमीटर की दूरी अब केवल 55 मिनट में तय हो जाएगी। यह ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन तक जाएगी। पूरे रूट में ट्रेन कुल 13 स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
इस कॉरिडोर की खास बात यह है कि, सफर का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि केवल दो स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए गए हैं। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और ट्रैफिक-फ्री यात्रा का अनुभव मिलेगा।
20 फरवरी को NCRTC ने बेगमपुल से सराय काले खां के बीच रैपिड रेल का सफल ट्रायल रन किया था। ट्रायल के दौरान ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली और मेरठ साउथ से सराय काले खां तक का सफर महज 48 मिनट में पूरा किया। वापसी में यह दूरी और भी कम समय यानी सिर्फ 39 मिनट में तय हुई। इस ट्रायल ने साफ कर दिया कि नमो भारत रैपिड रेल भविष्य की ट्रांसपोर्ट जरूरतों के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 24 स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें प्रमुख स्टेशन हैं-
मोदीपुरम, मेरठ नॉर्थ, दौराला, मेट्रो एमईएस, बेगमपुल, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ साउथ, रिठानी, परतापुर, मोदी नगर नॉर्थ, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, गाजियाबाद, गुलधर, साहिबाबाद, आनंद विहार, न्यू अशोक नगर, सराय काले खां, दुहाई डिपो आदि।
प्रधानमंत्री मोदी नमो भारत ट्रेन में स्कूली बच्चों और श्रमिकों के साथ यात्रा करेंगे। इन बच्चों का चयन PMO द्वारा किया गया है। पीएम शताब्दीनगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक बच्चों से बातचीत करते हुए सफर करेंगे, जिसमें करीब 7-10 मिनट का समय लगेगा।
इस दौरान यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के भी शामिल होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए सुरक्षा और आयोजन दोनों की तैयारी पूरी तरह से की गई है। जनसभा स्थल पर कुल 36 एकड़ में 3 विशाल पंडाल तैयार किए गए हैं, जिसमें करीब 1 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को देखते हुए SPG, ATS, IB समेत लगभग 8000 जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है और दिल्ली रोड से मेरठ तक कई मुख्य कट बंद कर दिए गए हैं, ताकि जनसभा में किसी भी प्रकार की दिक्कत या सुरक्षा जोखिम न रहे।
नमो भारत रैपिड रेल के साथ-साथ मेरठ मेट्रो भी शुरू की जा रही है। खास बात यह है कि मेरठ में मेट्रो, रैपिड रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही चलेगी। मेरठ मेट्रो की अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी और यह 23 किमी लंबे कॉरिडोर पर चलेगी, जिसमें कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं।
मेरठ में चार ऐसे स्टेशन हैं जहां यात्रियों को नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों की सुविधा एक ही जगह मिलेगी-
यह सुविधा यात्रियों के लिए इंटरचेंज को बेहद आसान बना देगी।
मेरठ मेट्रो को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है-
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 30,274 करोड़ रुपए है। इसमें हिस्सेदारी-
दिल्ली सरकार: 3%
उत्तर प्रदेश सरकार: 17%
केंद्र सरकार: शेष प्रमुख हिस्सा
वर्ष 2020-21 और 2021-22 में केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ का बजट जारी किया, जबकि यूपी सरकार ने भी अलग-अलग वर्षों में बजट दिया।
दिल्ली मेट्रो और RRTS नेटवर्क की कुल लंबाई अब 743 किमी हो गई है। यह लंबाई London Crossrail, Hong Kong MTR, Paris RER से भी अधिक है। यह भारत की शहरी परिवहन क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है।
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