
परासिया/ छिंदवाड़ा। पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) परासिया, जिला छिंदवाड़ा में ठेका कार्य का प्रथम भुगतान होने के बाद बाबू के लिए 14 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे पंप अटेंडेंट को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने पकड़ा है। इसके बाद पंप अटेंडेंट और बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
रिश्वत मांगने की शिकायत ठेकेदार सौरभ मिश्रा, निवासी ग्राम अम्बाडा, तहसील परासिया ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी को लिखित में की थी। ठेकेदार के अनुसार पीएचई का काम करने पर 4,11,665 रुपए का पेमेंट मिला था। राशि खाते में आते ही पीएचई छिंदवाडा में पदस्थ संदेश बाबू ने ठेकेदार से 6% के हिसाब से लगभग 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। कमीशन नही देने पर आगे का पेमेंट लटकाने की धमकी दी गई।
ठेकेदार की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर अंजू पटले ने सत्यापन करवाया। इसमें रिश्वत को लेकर ठेकेदार और बाबू के बीच बातचीत के नतीजे में मामला 14 हजार रुपए में फाइनल हो गया। इसके बाद रिश्वत लेने की जगह तय होने के बाद लोकायुक्त की ट्रैप टीम बनाई गई। इसमें टीएलओ निरीक्षक सुश्री शशिकला मस्कुले, निरीक्षक जितेन्द्र यादव, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एव लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल किया गया।
लोकायुक्त पुलिस टीम ने परासिया पहुंचकर घेराबंदी की, जिसके बाद ठेकेदार को रिश्वत देने भेजा गया। हालांकि बाबू ने बातचीत के बाद खुद न आकर पंप अटेंडेंट को रिश्वत लेने भेज दिया। इस पर जैसे ही रिश्वत ली गई, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा पिता मारकंडेय मिश्रा, उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम अम्बाडा तहसील परासिया जिला छिंदवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही संदेश गजभिये, सहायक ग्रेड -3, कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड परासिया जिला छिंदवाड़ा को भी पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,12,13(1) इ, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
रिश्वत मांगने और लेने में शामिल होने पर पंप अटेंडेंट और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच हो रही है कि इनके पास अटकी फाइलें किस काम की थी, ताकि इनके द्वारा डील होने वाले फाइलों की असलियत का पता चल सके।
-अंजू पटले, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर