आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पालतू जानवर सिर्फ शौक नहीं रह गए हैं, बल्कि वे परिवार का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चाहे डॉग हो, कैट या कोई और पालतू, लोग उन्हें अपने बच्चों की तरह प्यार करते हैं और उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ते। लेकिन जब यही पालतू जानवर अचानक बीमार पड़ जाता है, तो उसके मालिक के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है- काम और देखभाल के बीच संतुलन। कई बार लोग ऑफिस की वजह से अपने पेट को समय नहीं दे पाते, तो कभी मजबूरी में छुट्टी लेनी पड़ती है, जिससे सैलरी या नौकरी पर असर पड़ सकता है। इसी चुनौती को समझते हुए इटली ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने दुनियाभर के पेट लवर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इटली में एक खास व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत कर्मचारी अपने बीमार या घायल पालतू जानवर की देखभाल के लिए पेड लीव ले सकते हैं। इसका मतलब साफ है अगर आपका पेट बीमार है और आपको उसकी देखभाल के लिए ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती है, तो आपकी सैलरी नहीं कटेगी। यह नियम कर्मचारियों को मानसिक राहत देने के साथ-साथ पालतू जानवरों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करता है।
इस अनोखी व्यवस्था की शुरुआत साल 2017 में एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसले से हुई थी। मामला एक महिला कर्मचारी से जुड़ा था, जिसने अपने बीमार कुत्ते की देखभाल के लिए छुट्टी ली थी। हालांकि, उसकी कंपनी ने इसे अनधिकृत अनुपस्थिति मान लिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की। मामला अदालत तक पहुंचा, जहां कोर्ट ऑफ कैसेशन ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि पालतू जानवर की देखभाल को भी गंभीर व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण माना जाना चाहिए। इस फैसले के बाद महिला को पेड लीव का अधिकार मिला और यही निर्णय आगे चलकर एक नीति की नींव बन गया।
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हालांकि यह नियम काफी राहत देने वाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी कर्मचारी कभी भी पेट के नाम पर छुट्टी ले सकता है।
इसके लिए कुछ स्पष्ट शर्तें तय की गई हैं :
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल न हो।
इटली में जानवरों के अधिकारों को लेकर पहले से ही सख्त कानून मौजूद हैं। वहां अगर कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर को दर्द या परेशानी में छोड़ देता है, तो इसे अपराध माना जाता है। ऐसी स्थिति में दोषी व्यक्ति को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है या फिर जेल की सजा भी हो सकती है। इसी वजह से अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पालतू जानवर की देखभाल सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव नहीं, बल्कि एक कानूनी जिम्मेदारी भी है।
अब तक ज्यादातर देशों में छुट्टी का प्रावधान सिर्फ इंसानी रिश्तों तक सीमित था- जैसे बच्चों, माता-पिता या अन्य परिवार के सदस्यों की बीमारी। लेकिन इटली के इस फैसले ने एक नई सोच को जन्म दिया है। यह दिखाता है कि समाज में पालतू जानवरों को भी परिवार का दर्जा दिया जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में अन्य देश भी इस तरह के नियमों पर विचार कर सकते हैं।
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इस नीति का सबसे बड़ा फायदा कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस पर पड़ेगा।