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बेंगलुरु की जीत में 5 बड़े फेक्टर्स ;जिसने बनाया चैंपियन, बॉलिंग में भुवनेश्वर की स्विंग ने छुटाएं पसीने, विराट का हर पारी में चला बल्ला

RCB की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने लगातार रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। जबकि गेंदबाजी भी पूरे सीजन में संतुलित नजर आई। भुवनेश्वर कुमार ने अनुभव से टीम को विकेट दिलाए, वहीं जोश हेजलवुड और रसिख सलाम ने तेज गेंदबाजी विभाग को मजबूती दी।
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जिसने बनाया चैंपियन, बॉलिंग में भुवनेश्वर की स्विंग ने छुटाएं पसीने, विराट का हर पारी में चला बल्ला

स्पोर्ट्स डेस्क। पहले 18 साल का इंतजार और फिर ट्रॉफी मिली तो सिर्फ उसे जीती नहीं बल्कि अगले सीजन में भी अपने पुराने सपनों की आस को हकीकत में बदला है। टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर साबित कर दिया कि उसकी सफलता किसी एक स्टार खिलाड़ी की नहीं, बल्कि मजबूत टीम गेम की कहानी है।

RCB की जीत के 5 बड़े फैक्टर्स

1. मजबूत टॉप ऑर्डर, जिसने दबाव बनने ही नहीं दिया

RCB की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने लगातार रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। विराट ने 675 रन बनाकर बड़े मैचों में जिम्मेदारी निभाई, जबकि कप्तान रजत पाटीदार ने तेज स्ट्राइक रेट के साथ विरोधी टीमों पर दबाव बनाया। देवदत्त पडिक्कल ने भी अहम मौकों पर रन जोड़े। इन तीनों ने मिलकर 1600 से ज्यादा रन बनाए। नतीजा यह हुआ कि टीम का मिडिल ऑर्डर अक्सर दबाव से बचा रहा।

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2. गेंदबाजी यूनिट बनी सबसे बड़ा हथियार

सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, RCB की गेंदबाजी भी पूरे सीजन में संतुलित नजर आई। भुवनेश्वर कुमार ने अनुभव से टीम को विकेट दिलाए, वहीं जोश हेजलवुड और रसिख सलाम ने तेज गेंदबाजी विभाग को मजबूती दी। दूसरी तरफ स्पिन में क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा ने बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख पलटा। खास बात यह रही कि जब तेज गेंदबाज असरदार नहीं दिखे, तब स्पिनर्स ने जिम्मेदारी संभाली। यही बैलेंस टीम की बड़ी ताकत बना।

3. टीम में कई मैच विनर, जीत किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं

चैंपियन टीम वही होती है, जहां हर मैच में नया हीरो निकलकर आए और RCB ने यही किया। पूरे सीजन में टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। कभी विराट ने मैच जिताया, कभी हेजलवुड ने गेंद से कमाल किया, तो कभी टिम डेविड, भुवनेश्वर, वेंकटेश अय्यर या रजत पाटीदार ने जिम्मेदारी संभाली। इससे टीम किसी एक खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन से प्रभावित नहीं हुई।

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4. घरेलू मैदान को बनाया जीत का किला

RCB ने इस सीजन अपने होम ग्राउंड का पूरा फायदा उठाया। टीम ने घर पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते। चिन्नास्वामी और रायपुर दोनों मैदानों पर टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। घरेलू परिस्थितियों को समझते हुए कप्तान रजत पाटीदार ने गेंदबाजों का बेहतरीन इस्तेमाल किया। इसी का असर रहा कि मजबूत टीमों के खिलाफ भी RCB लगातार जीत दर्ज करती रही।

5. विराट  का शानदार फॉर्म, 600 से ज्यादा रन बनाए

RCB की सफलता की सबसे बड़ी कहानी विराट कोहली की निरंतरता भी रही। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग पार्टनर बदलता रहा, लेकिन कोहली की बल्लेबाजी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर पारी संभाली और मौका मिलने पर तेजी से रन भी बनाए। बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव टीम के बेहद काम आया। इन पांच वजहों ने मिलकर RCB को सिर्फ एक मजबूत टीम नहीं, बल्कि लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाया।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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