MP में कुपोषण और मोटापा दोनों बढ़े: अलीराजपुर की महिलाएं शराब सेवन में आगे, डिंडौरी के पुरुषों में तंबाकू का आंकड़ा सबसे ज्यादा

मध्य प्रदेश में पोषण और जीवनशैली से जुड़ी तस्वीर अब एक साथ कई चुनौतियां दिखा रही है। NFHS-6 के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के कुछ आदिवासी बहुल जिलों में महिलाओं और पुरुषों में तंबाकू तथा शराब के सेवन की दर काफी ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे जिलों में महिलाओं में ओवरवेट और मोटापे की दर राज्य के औसत से काफी ऊपर पहुंच गई है। यानी प्रदेश में पोषण की समस्या अब सिर्फ कम वजन या कुपोषण तक सीमित नहीं रही। एक ओर कम BMI वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, तो दूसरी ओर मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रही हैं।
मंडला की महिलाएं तंबाकू सेवन में सबसे आगे
15 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं में तंबाकू सेवन के मामले में मंडला 34.9% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद डिंडौरी में 26.8%, छिंदवाड़ा में 26.9%, बालाघाट में 28.4% और नरसिंहपुर में 30% का आंकड़ा दर्ज किया गया है। मंडला में महिलाओं के तंबाकू सेवन की दर NFHS-5 में 29.5% थी, जो NFHS-6 में बढ़कर 34.9% पहुंच गई। यानी पांच साल के अंतराल में 5.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। बालाघाट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई। यहां महिलाओं में तंबाकू सेवन 20.2% से बढ़कर 28.4% हो गया। नरसिंहपुर में यह 27.2% से 30%, छिंदवाड़ा में 21.1% से 26.9% और डिंडौरी में 22.8% से 26.8% तक पहुंच गया। इन जिलों में तंबाकू सेवन बढ़ने के मामले में मंडला की महिलाओं में बढ़ोतरी 6.7 प्रतिशत अंक के साथ सबसे ज्यादा रही।
पुरुषों में डिंडौरी सबसे आगे, मंडला और उमरिया भी पीछे नहीं
प्रदेश में 15 साल और उससे अधिक उम्र के पुरुषों में तंबाकू सेवन का औसत 47.7% है। जिलावार आंकड़ों में डिंडौरी 64.8% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद मंडला 64.2% और उमरिया 64.1% पर हैं। डिंडौरी में यह दर NFHS-5 के 60.6% से बढ़कर 64.8% हो गई। मंडला में 57.5% से बढ़कर 64.2% और उमरिया में 59.1% से बढ़कर 64.1% पहुंची। नरसिंहपुर में पुरुषों का तंबाकू सेवन 55.2% से बढ़कर 60.5% और पन्ना में 55.5% से बढ़कर 60.4% हो गया। इन पांच जिलों में मंडला में 6.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी सबसे ज्यादा रही।
महिलाओं में शराब सेवन में आलीराजपुर सबसे ऊपर
15 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं में शराब सेवन का प्रदेश औसत 1.2% है, लेकिन आलीराजपुर में यह 13.4% दर्ज किया गया। इसके बाद डिंडौरी 9.6%, मंडला 7.8%, उमरिया 4.4% और अनूपपुर 3.1% पर हैं। बालाघाट, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी यह आंकड़ा 3.1% दर्ज हुआ। आलीराजपुर में महिलाओं के शराब सेवन की दर NFHS-5 में 7% थी, जो NFHS-6 में बढ़कर 13.4% हो गई। यानी 6.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। डिंडौरी में यह आंकड़ा 6.8% से 9.6%, मंडला में 3.6% से 7.8% और उमरिया में 2% से बढ़कर 4.4% हुआ। वहीं अनूपपुर में महिलाओं के शराब सेवन में हल्की कमी आई और यह 3.7% से घटकर 3.1% रह गया।
पुरुषों में शराब सेवन की दर डिंडौरी में 41.4%
प्रदेश के 15 साल और उससे अधिक उम्र के पुरुषों में शराब सेवन का औसत 18.5% है। लेकिन डिंडौरी में यह आंकड़ा 41.4% तक पहुंच गया है। इसके बाद अलीराजपुर 41.2%, उमरिया 39.6%, मंडला 36.3% और अनूपपुर 35.5% पर हैं। डिंडौरी में पुरुषों का शराब सेवन NFHS-5 के 36% से बढ़कर 41.4% हुआ। अलीराजपुर में 37.4% से बढ़कर 41.2%, उमरिया में 29.8% से 39.6% और मंडला में 28.6% से 36.3% तक पहुंच गया। इन शीर्ष जिलों में उमरिया में 9.8 प्रतिशत अंक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई। अनूपपुर में उलटा रुझान दिखा और दर 36.2% से घटकर 35.5% रह गई।
अलीराजपुर में महिलाओं का BMI सबसे कम
15 से 49 वर्ष की महिलाओं में सामान्य से कम BMI का राज्य औसत 26.5% है। वहीं अलीराजपुर में यह आंकड़ा 43% है। यानी जिले में करीब हर दूसरी से कम महिला कम BMI की श्रेणी में आती है। इसके बाद बड़वानी 39.6%, श्योपुर 36.8%, डिंडौरी 34.2% और बालाघाट 33.8% पर हैं। अलीराजपुर में यह दर NFHS-5 के 19.6% से बढ़कर 43% हो गई। यानी पांच साल में 23.4 प्रतिशत अंक की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
इंदौर में महिलाओं में मोटापा सबसे ज्यादा
दूसरी ओर प्रदेश में 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में ओवरवेट या मोटापे का औसत 22.2% है। इसमें इंदौर 37.8% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद भोपाल 36.6%, होशंगाबाद 31.4%, जबलपुर 29.6% और रीवा 29.3% पर हैं। इंदौर में महिलाओं के ओवरवेट या मोटापे की दर NFHS-5 के 19% से बढ़कर 37.8% हो गई है। यानी पांच साल के दौरान यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया।
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प्रदेश में कम वजन और मोटापा दोनों बढ़े
NFHS-6 के आंकड़े मध्य प्रदेश में पोषण की दोहरी चुनौती की ओर इशारा करते हैं। 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में कम BMI की दर 23% से बढ़कर 26.5% हो गई, जबकि पुरुषों में यह 20.8% से बढ़कर 28.3% पहुंच गई। वहीं महिलाओं में ओवरवेट या मोटापे की दर 16.6% से बढ़कर 22.2% और पुरुषों में 15.6% से बढ़कर 17.6% हो गई। यानी प्रदेश में कम पोषण और अधिक पोषण, दोनों तरह की समस्या एक साथ बढ़ रही है।
महिलाओं में ब्लड शुगर के मामले इंदौर में सबसे ज्यादा
हाई या बहुत ज्यादा ब्लड शुगर अथवा इसे नियंत्रित करने वाली दवा लेने वाली महिलाओं का राज्य औसत 14.5% है। इंदौर 20.3% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद भिंड 18.4%, कटनी 18.2%, भोपाल 17.9% और जबलपुर 17.7% पर हैं। इंदौर में यह आंकड़ा NFHS-5 के 9.9% से बढ़कर 20.3% हो गया है। यानी पांच साल में इसमें दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई। प्रदेश की महिलाओं में हाई ब्लड शुगर का औसत भी NFHS-5 के 9.8% से बढ़कर 14.5% हुआ है। पुरुषों में यह 12.2% से बढ़कर 18.3% पहुंच गया।
हाई BP में प्रदेश का आंकड़ा हुआ कम
ब्लड प्रेशर के मामले में NFHS-6 की तस्वीर कुछ अलग है। महिलाओं में हाई BP या इसे नियंत्रित करने वाली दवा लेने की दर 20.6% से घटकर 14.2% हो गई।पुरुषों में भी यह आंकड़ा 22.7% से घटकर 15.4% हुआ है। हालांकि जिलावार स्थिति में कुछ क्षेत्रों में दर काफी ज्यादा है। महिलाओं में बालाघाट 22.6% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद भोपाल 21.1%, सिवनी 21%, डिंडौरी 20.2% और होशंगाबाद 19.2% हैं। पुरुषों में जबलपुर 24.2% के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद बालाघाट 21.7%, सिवनी 21.6%, भोपाल और होशंगाबाद 21.3% पर हैं।
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NFHS-6 ने सामने रखी पोषण और लाइफस्टाइल की नई चुनौती
NFHS-6 के ये आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और पोषण की तस्वीर एक जैसी नहीं है। एक तरफ आदिवासी बहुल और कुछ ग्रामीण जिलों में कम BMI, तंबाकू और शराब सेवन की दर चिंता बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरी जिलों में मोटापा, ब्लड शुगर और हाई BP से जुड़े मामले महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।





















