मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक डकैती: संभलपुर जेल से कटनी लाए गए 3 आरोपी, 10 दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ

बरगवां स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक में हुई करोड़ों रुपए की डकैती के मामले में कटनी पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए तीन आरोपियों को उड़ीसा की संभलपुर जेल से कटनी लाया है। रंगनाथनगर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को 10 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर अपनी हिरासत में लिया है। अब पुलिस उनसे डकैती की वारदात, गिरोह के नेटवर्क और लूटे गए सोने से जुड़े अहम बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।
संभलपुर जेल में बंद थे तीनों आरोपी
रंगनाथनगर थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय के अनुसार, जिन आरोपियों को कटनी लाया गया है, उनमें अर्जुन उर्फ पीयूष जायसवाल निवासी पटना, अखिलेश उर्फ विकास उर्फ जॉनराइट निवासी वैशाली, बिहार और अनुज कुमार साव उर्फ आकाश निवासी दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल शामिल हैं। तीनों आरोपी अन्य आपराधिक मामलों में उड़ीसा की संभलपुर जेल में बंद थे। कटनी पुलिस ने मणप्पुरम बैंक डकैती मामले में उनकी भूमिका को लेकर प्रोडक्शन वारंट हासिल किया और अब उन्हें कटनी लाकर पूछताछ की जा रही है।
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बैंक से करीब 8 करोड़ का सोना लूटा था
मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक डकैती की यह वारदात 26 नवंबर 2022 को रंगनाथनगर थाना क्षेत्र के बरगवां में हुई थी। सुबह के समय नकाबपोश और हथियारबंद बदमाश बैंक में दाखिल हुए और कर्मचारियों को धमकाकर बड़ी मात्रा में सोना और नकदी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक बदमाश करीब 16 किलो सोना, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए थी के अलावा 3 लाख रुपए नकद लूटकर ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की लेकिन लंबे समय तक लूटे गए सोने का पता नहीं चल सका।
वारदात के बाद ऐसे खुलता गया गिरोह का नेटवर्क
डकैती के करीब एक महीने बाद पुलिस ने मामले में इस्तेमाल बाइक, बंदूक और कुछ नकदी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, उस समय लूटा गया सोना बरामद नहीं हो पाया था। बाद में बिहार के बक्सर से मिथिलेश कुमार पाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने के साथ डकैती से जुड़े कई आरोपियों के नाम सामने आए और पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई शुरू की।
करीब एक दर्जन आरोपी नामजद
मणप्पुरम बैंक डकैती मामले में अब तक करीब एक दर्जन आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। इनमें मुख्य सरगना सुबोध सिंह, दिलीप यादव, अनुज कुमार शाह उर्फ आकाश, अखिलेश उर्फ जॉन राइट, अर्जुन उर्फ पीयूष जायसवाल, अंकुश साहू, शाहबाज सिद्दीकी, मिथिलेश कुमार पाल, शुभम तिवारी, गोलू कुमार यादव, अंतिम विकास गुप्ता उर्फ अमित उर्फ विक्की और विकास उर्फ अमित के नाम शामिल हैं। पुलिस अब संभलपुर जेल से लाए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए मामले से जुड़े अन्य लोगों, वारदात की पूरी साजिश और लूटे गए सोने के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
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सुबोध सिंह को बताया जा रहा मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सुबोध सिंह को इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बताया गया है। वह फिलहाल बिहार की बेऊर जेल में बंद है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जेल में रहने के बावजूद उसका नेटवर्क सक्रिय रहा और उसके गिरोह में 200 से अधिक लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है। सुबोध सिंह पर मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, झारखंड, चेन्नई, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में सोने की डकैती से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। इन मामलों में 300 किलो से ज्यादा सोने की डकैती से जुड़े आरोप भी बताए गए हैं।
अब लूटे गए सोने की बरामदगी पर नजर
कटनी पुलिस की मौजूदा कार्रवाई को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। तीनों आरोपियों को 10 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर कटनी लाकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि 2022 में बैंक से लूटा गया सोना कहां गया, वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किस तरह किया गया था।





















