30 बैलगाड़ियों में निकली बारात!पन्ना की अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई है। जब आजकल शादियों में लग्जरी कारों और बड़े काफिलों का चलन बढ़ गया है, तब यहां एक परिवार ने पुरानी परंपरा को जीवित करते हुए करीब 30 बैलगाड़ियों में बारात निकाली।
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पन्ना की अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पन्ना। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसी शादी की खबर सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आजकल ज्यादातर शादियों में लग्जरी कारें, बड़े-बड़े काफिले और डीजे की धुन देखने को मिलती है। लेकिन पन्ना के अजयगढ़ में एक दूल्हा अपनी बारात करीब 30 बैलगाड़ियों के साथ लेकर ससुराल पहुंचा। इस अनोखी बारात को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ लगी रही। दो किलोमीटर का यह सफर भले ही छोटा था, लेकिन इसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी।

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    अजयगढ़ से किशनपुर तक निकली बारात

    यह अनोखी शादी पन्ना जिले के अजयगढ़ इलाके में हुई। यहां के जाने-माने डॉक्टर डॉ. रामखिलावन विश्वकर्मा ने अपने छोटे बेटे की शादी को खास बनाने के लिए एक अलग रास्ता चुना।
    उन्होंने महंगी कारों और बड़े काफिलों की जगह बैलगाड़ियों में बारात निकालने का फैसला किया। इसके लिए आसपास के कई गांवों से बैलगाड़ियां मंगवाई गईं।

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    बीरा, लोलास, शाहपुरा, गड़रियन पुरवा और मझपुरवा जैसे गांवों से करीब 30 बैलगाड़ियां अजयगढ़ पहुंचीं। जब बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे जब बैलों के गले में बंधी घंटियों की आवाज के साथ बारात निकली, तो पूरा माहौल देखने लायक था। अजयगढ़ बस स्टैंड से बारात चली और करीब 2 किलोमीटर का सफर तय कर किशनपुर में दुल्हन के घर पहुंची।

    ढोल-नगाड़े और नाचते घोड़ों ने बढ़ाई रौनक

    इस अनोखी बारात में सिर्फ बैलगाड़ियां ही नहीं थीं, बल्कि माहौल को और रंगीन बनाने के लिए ढोल-नगाड़े भी बज रहे थे।
    बारात के साथ करीब आधा दर्जन घोड़े भी नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। ढोल की थाप और बैलों की घंटियों की आवाज मिलकर ऐसा माहौल बना रही थी, मानो पुराने समय की शादियां फिर से जीवंत हो गई हों। रास्ते में खड़े लोग इस अनोखी बारात को देखकर हैरान भी हुए और खुश भी। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें भी रिकॉर्ड कीं।

    लोगों की भीड़ ने बनाया यादगार नजारा

    जैसे ही बैलगाड़ियों की यह लंबी कतार सड़कों पर दिखाई दी, वैसे ही आसपास के लोग इसे देखने के लिए जुटने लगे।
    बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इस अनोखी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े हो गए। कई लोग तो अपने घरों की छतों से भी इस नजारे को देखते नजर आए।
    बारात के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। 

    ईंधन संकट के बीच दिया अलग संदेश

    इस अनोखी बारात के पीछे परिवार की एक खास सोच भी थी। दूल्हे के पिता डॉ. रामखिलावन विश्वकर्मा ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ अलग शादी करना नहीं था, बल्कि समाज को एक संदेश देना भी था।
    उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग आधुनिकता की दौड़ में अपनी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं और ईंधन संकट की चर्चा भी हो रही है। ऐसे समय में पारंपरिक और वैकल्पिक तरीकों को याद करना जरूरी है।

    परंपरा और सादगी की बनी मिसाल

    अजयगढ़ में निकली यह अनोखी बारात अब पूरे पन्ना जिले में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि आज की महंगी और दिखावे वाली शादियों के बीच यह शादी सादगी और परंपरा का अच्छा उदाहरण है।
    इस बारात ने यह दिखा दिया कि शादी की असली खूबसूरती महंगी गाड़ियों और बड़े खर्च में नहीं, बल्कि अपने रीति-रिवाजों और संस्कृति को सम्मान देने में है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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