ईद के दौरान घोषित अस्थायी सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में गोलाबारी के आरोप लगे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सैन्य अभियानों और आरोप-प्रत्यारोप ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ईद-उल-फितर के मौके पर घोषित अस्थायी संघर्ष विराम के बावजूद सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की ओर से कुनार प्रांत में अब तक 72 गोले दागे गए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह गोलाबारी उस समय हुई जब दोनों देश हाल ही में युद्धविराम पर सहमत हुए थे।
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कुनार प्रांत के नराई और मनोगाई जिलों में भारी गोलाबारी की सूचना है। नराई जिले के डोकालाम, बारिकोट और सोंगालाई क्षेत्रों में 35 गोले गिरे, जबकि मनोगाई के अलग-अलग हिस्सों में 37 गोले दागे गए। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ इलाकों में अभी भी गोलाबारी जारी है, हालांकि फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, जो संघर्ष के बाद अपने घरों को लौट रहे हैं।
तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के 26 फरवरी को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ को अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि इस अभियान में अब तक सैकड़ों उग्रवादियों को मार गिराया गया और कई ठिकानों को खत्म किया गया है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, दक्षिण वजीरिस्तान तालिबान के कई ठिकानों को नष्ट किया गया है। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि उग्रवादी आम नागरिकों की तरह कपड़े पहनकर हमले करते हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है।